
15 दिन पहले ही किराए के मकान में रहने आए थे दोनों, परिवार को दिल्ली में कोचिंग की तस्वीरें भेजती रही अंजलि
दुर्ग। मोहन नगर थाना क्षेत्र के शंकर नगर में 26 वर्षीय अंजलि घोड़ेस्वर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। 27 सितंबर को अंजलि का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। उसके लिव-इन पार्टनर और सीआईएसएफ जवान करण सिंह ने शव को फंदे से उतारा और अपनी गोद में रख लिया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

अंजलि महाराष्ट्र के कल्याण की रहने वाली थी, जबकि करण सिंह मूल रूप से पंजाब का बताया जा रहा है और उसकी पोस्टिंग भिलाई में है। दोनों करीब दो साल से एक-दूसरे के संपर्क में थे। करीब 15 दिन पहले ही उन्होंने दुर्ग के शंकर नगर की गली नंबर-10 में किराए का मकान लिया था और वहां साथ रह रहे थे।
परिवार को दिल्ली में होने का था भरोसा
परिजनों के मुताबिक अंजलि 8 सितंबर को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली जाने की बात कहकर घर से निकली थी। इसके बाद वह परिवार को दिल्ली की कोचिंग क्लास की तस्वीरें भी भेजती रही। तस्वीरों में क्लासरूम, विद्यार्थी और बोर्ड पर पढ़ाई से संबंधित सामग्री दिखाई देती थी। इससे परिवार को विश्वास था कि अंजलि दिल्ली में रहकर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही है।
मौत के बाद परिजनों को पता चला कि वह दिल्ली में नहीं, बल्कि दुर्ग में करण के साथ रह रही थी।
करण ने फोन कर दी थी मौत की जानकारी
परिवार के अनुसार 27 सितंबर को करण ने फोन कर अंजलि के फांसी लगाने की जानकारी दी। उसने खुद को अंजलि का बॉयफ्रेंड बताया और दोनों के जल्द शादी करने की बात भी कही। सूचना मिलने के बाद परिजन दुर्ग पहुंचे। अंजलि का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है, जिसके बाद उसे परिजनों को सौंपा जाएगा।
करण के खाते में पैसे भेजने का भी दावा
परिवार के पास अंजलि और करण के बीच हुए ऑनलाइन लेन-देन के कुछ स्क्रीनशॉट होने की बात सामने आई है। रिश्तेदारों के मुताबिक अलग-अलग तारीखों में करण के खाते में 5 हजार, 2 हजार और 1500 रुपए समेत कई रकम भेजी गई थी। परिवार का दावा है कि इन लेन-देन को जोड़ने पर राशि करीब 25 से 30 हजार रुपए तक पहुंचती है। हालांकि, ये पैसे किस कारण भेजे गए थे, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
परिजनों ने मौत पर जताया संदेह
अंजलि के परिजनों ने उसकी मौत को लेकर संदेह जताया है। उनका कहना है कि पुलिस से मिली तस्वीरों में शरीर की स्थिति, कपड़ों और एक कान की बाली गायब होने जैसी बातों को देखकर उन्हें मामला सामान्य आत्महत्या जैसा नहीं लगा। परिजनों ने करण के चेहरे पर चोट या सूजन होने का भी दावा किया है।
हालांकि, ये सभी बातें परिजनों की ओर से व्यक्त किए गए संदेह हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अंजलि की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति थी, यह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, घटनास्थल की जांच, फोरेंसिक साक्ष्यों, मोबाइल फोन और अन्य जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

परिवार की जिम्मेदारियों में निभाती थी अहम भूमिका
परिजनों के मुताबिक अंजलि के पिता की स्वास्थ्य स्थिति ठीक नहीं रहती थी और वह घर की जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थी। वह सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही थी। परिवार को उम्मीद थी कि दिल्ली जाकर वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करेगी। उसकी मौत के बाद परिवार को उसके दुर्ग में रहने की जानकारी मिली। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
