
जल बंटवारे और प्रबंधन पर होगी चर्चा, सीएम विष्णुदेव साय और मोहन चरण माझी समेत दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल
रायपुर। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद के समाधान की दिशा में केंद्र सरकार की मध्यस्थता में बातचीत आगे बढ़ रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 1 अक्टूबर को दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित है। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के साथ दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है।
ओडिशा के महाधिवक्ता पितांबर आचार्य के अनुसार, बैठक में महानदी के जल बंटवारे और उसके प्रबंधन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर दोनों राज्यों के पक्षों पर चर्चा होगी। दोनों राज्यों के बीच आपसी सहमति और समझ के जरिए विवाद के समाधान की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर रहेगा।
20 सितंबर को भुवनेश्वर में हुई थी दोनों मुख्यमंत्रियों की मुलाकात
महानदी जल विवाद को लेकर इससे पहले 20 सितंबर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भुवनेश्वर में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से मुलाकात की थी। दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच एक घंटे से अधिक समय तक विभिन्न मुद्दों के साथ महानदी जल विवाद पर भी चर्चा हुई थी।
बैठक के बाद सीएम साय ने कहा था कि दोनों राज्यों के बीच इस विषय पर समाधान के लिए बातचीत चल रही है और जल्द ही रास्ता निकलने की उम्मीद है।
30 जुलाई को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में भी हुई थी बैठक
इससे पहले 30 जुलाई को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। बैठक में बातचीत, तकनीकी सहयोग और आपसी सहमति के माध्यम से महानदी जल विवाद का समाधान तलाशने पर चर्चा हुई थी।
महानदी जल विवाद से जुड़ा मामला वर्ष 2018 से महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल के समक्ष लंबित है। केंद्रीय जल आयोग के सचिव ने पिछली बैठकों से संबंधित जानकारी ट्रिब्यूनल के समक्ष भी प्रस्तुत की है, जिसे रिकॉर्ड पर लिया गया है।
दोनों राज्यों के लिए महत्वपूर्ण है महानदी का पानी
महानदी का जल छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ में इसका उपयोग सिंचाई सहित विभिन्न जरूरतों के लिए किया जाता है, जबकि ओडिशा में सिंचाई, बिजली उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों के लिए महानदी का पानी अहम है। ऐसे में जल बंटवारे से जुड़े विवाद का समाधान दोनों राज्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
1 अक्टूबर की प्रस्तावित बैठक को 30 जुलाई और 20 सितंबर को हुई चर्चाओं की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। बैठक में दोनों राज्यों के मुख्य सचिव और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के भी शामिल होने की संभावना है।


