
जामुल। डॉ. मनराखन लाल साहू शासकीय महाविद्यालय, जामुल में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) एवं जिला चिकित्सालय दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में तंबाकू निषेध एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को तंबाकू तथा तंबाकू उत्पादों के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों की जानकारी देना और उन्हें नशामुक्त एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में जिला चिकित्सालय दुर्ग के डॉ. मुनीष भगत, सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती कविता ताम्रकार एवं काउंसलर श्री ललित कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. एस. सिंह के निर्देशन एवं अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में तंबाकू सेवन से होने वाली विभिन्न बीमारियों और इसके शरीर पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
डॉ. मुनीष भगत ने पीपीटी के माध्यम से तंबाकू के निर्माण, इससे जुड़े उत्पादों के इतिहास तथा तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों की जानकारी सचित्र दी। उन्होंने विद्यार्थियों को तंबाकू उत्पादों से दूर रहने और स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया।
सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती कविता ताम्रकार ने तंबाकू निषेध से संबंधित प्रमुख कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने सरकारी भवनों सहित सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध नियमों के पालन के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। वहीं काउंसलर श्री ललित कुमार ने तंबाकू की लत से बचाव और नशे की आदत छोड़ने के लिए आवश्यक परामर्श एवं उपायों की जानकारी विद्यार्थियों को दी।
प्राचार्य डॉ. आर. एस. सिंह ने कहा कि स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं तंबाकू से दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार और समाज में भी तंबाकू निषेध के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक हिंदी श्री गजेंद्र कश्यप ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. शशि कश्यप, श्री बलराज ताम्रकार, डॉ. संजय परगनिहा, डॉ. रचना चौधरी, श्री पी. हेमाराव, श्री भुनेश्वर साहू एवं डॉ. कविता नाग सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रमेश कुमार मेश्राम ने अतिथियों, प्राचार्य, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम युवाओं को नशे से दूर रखने और स्वस्थ एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
