
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की तस्वीर रखकर श्मशान घाट में कथित तांत्रिक क्रिया करने के मामले में पुलिस ने तीन फरार आरोपियों को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि कथित तंत्र साधना का उद्देश्य चीफ जस्टिस को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि चाकूबाजी मामले में पीड़ित परिवार को डराना और आरोपी की जमानत के लिए दबाव बनाना था।
पुलिस के अनुसार, चाकूबाजी के एक मामले में जेल में बंद प्रियांशु बोले की जमानत में खर्च हुए करीब एक लाख रुपए पीड़ित परिवार से मांगे जा रहे थे। आरोप है कि पैसे नहीं देने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई और तांत्रिक क्रिया के जरिए डराने का प्रयास किया गया। आरोपियों ने कथित तौर पर केस वापस लेने का दबाव भी बनाया।
इंस्टाग्राम के जरिए तांत्रिक से संपर्क
जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने इंस्टाग्राम के माध्यम से ऋषिकेश कुमार नामक युवक से संपर्क किया था। इसके बाद देवरी स्थित मुक्तिधाम में तांत्रिक क्रिया की गई। मौके पर ग्रामीणों ने एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था, जबकि उसके तीन साथी फरार हो गए थे।
पुलिस को श्मशान घाट से हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा, जेल में बंद आरोपी प्रियांशु बोले और शिकायतकर्ता की तस्वीरें मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा मौके से मरी हुई मछली, नींबू, सिंदूर और अन्य पूजा सामग्री भी बरामद की गई।
चार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई
मामले में ओम बोले (23), तरुण बजाज (27), मोहम्मद इसरार (22) और ऋषिकेश कुमार (28) के नाम सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, ऋषिकेश ही कथित तौर पर श्मशान घाट में तांत्रिक क्रिया कर रहा था। फरार चल रहे तीन आरोपियों को नागपुर से गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर तोरवा थाने में धमकी देने और टोनही प्रताड़ना से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड की कार्रवाई की गई है।
पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच
बिलासपुर एएसपी सिटी पंकज पटेल के मुताबिक, पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। पुलिस अब आरोपियों के आपसी संपर्क, इंस्टाग्राम के जरिए हुए संपर्क और तांत्रिक क्रिया की पूरी गतिविधि के संबंध में आगे जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि तस्वीरों और कथित तांत्रिक गतिविधियों के जरिए पीड़ित परिवार पर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की गई थी। मामले में सामने आए अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

