सूरजपुर। बहुचर्चित सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत चार आरोपियों को हत्या, सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार दिया है। न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की अदालत में मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद यह फैसला आया। दोषियों की सजा पर फैसला 8 अक्टूबर को सुनाया जाएगा।
मामला 13 अक्टूबर 2024 का है। पुलिसकर्मी तालिब शेख की पत्नी और उनकी नाबालिग बेटी की घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों के शवों को घर से करीब पांच किलोमीटर दूर ले जाकर फेंक दिया गया था। अगले दिन 14 अक्टूबर को मां-बेटी के शव बरामद हुए थे।
हेड कांस्टेबल पर भी किया था जानलेवा हमला
घटना के बाद आरोपियों ने पुलिस टीम से बचने के लिए भागने की कोशिश की थी। इस दौरान विश्रामपुर थाना प्रभारी की टीम पर गोली चलाने और हेड कांस्टेबल उदय सिंह पर वाहन चढ़ाकर जानलेवा हमला करने का मामला भी सामने आया था। इस अपराध में अदालत ने आरोपियों को 10-10 साल की सजा सुनाई है।
वारदात के बाद सूरजपुर में भड़का था आक्रोश
मां-बेटी की हत्या की घटना के बाद सूरजपुर में भारी जनआक्रोश देखने को मिला था। आक्रोशित लोगों ने मुख्य आरोपी से जुड़े मकान, गोदाम और वाहनों में आग लगा दी थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था और सरगुजा आईजी के नेतृत्व में फ्लैग मार्च भी निकाला गया था।
8 अक्टूबर को तय होगी मुख्य मामले की सजा
अदालत द्वारा मुख्य मामले में चारों आरोपियों को दोषी ठहराए जाने के बाद अब सभी की सजा पर 8 अक्टूबर को फैसला होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में गंभीर धाराओं के तहत कड़ी सजा की मांग की गई है। हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट से जुड़े प्रावधानों के तहत अदालत के सामने मृत्युदंड से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा के विकल्प हो सकते हैं। अंतिम सजा अदालत द्वारा मामले के तथ्यों और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर तय की जाएगी।


