
एक ही दिन में 3 नए संक्रमित मिले, स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में लगाए जांच शिविर
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड में मलेरिया का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 10 दिनों में क्षेत्र से 25 मलेरिया मरीजों की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। गुरुवार को एक ही दिन में 3 नए मरीज मिलने के बाद प्रभावित गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर जांच और उपचार अभियान तेज कर दिया गया है।
जिला प्रशासन के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में संक्रमण पर नियंत्रण के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। कलेक्टर ने अधिकारियों को प्रभावित गांवों का दौरा कर मलेरिया नियंत्रण, कुपोषण उन्मूलन और स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं।
गांव-गांव पहुंच रही स्वास्थ्य विभाग की टीमें
स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में घर-घर सर्वे कर रही हैं। बुखार, सर्दी और खांसी से पीड़ित लोगों की रैपिड डायग्नोस्टिक (आरडी) किट से जांच की जा रही है। जांच के दौरान संक्रमित पाए जाने वाले मरीजों को मौके पर ही दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं, जबकि गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है।
सिम्स अस्पताल और जिला अस्पताल में अतिरिक्त बेड, दवाइयों तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों का तत्काल उपचार किया जा सके।
356 लोगों की जांच, तीन नए मरीज मिले
गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग ने छतौना, शिवतराई, औरापानी, केंदा सहित अन्य प्रभावित गांवों में विशेष जांच शिविर लगाए। इस दौरान 356 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई, जिनमें 3 लोग मलेरिया पॉजिटिव पाए गए। इसके साथ ही पिछले 10 दिनों में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है।
सीएमएचओ ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. शुभा गरेवाल ने बताया कि कोटा के वनांचल क्षेत्र में मलेरिया के मामलों में वृद्धि दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग लगातार शिविर लगाकर जांच, उपचार और दवा वितरण का कार्य कर रहा है। साथ ही घर-घर सर्वे के माध्यम से संभावित मरीजों की पहचान कर संक्रमण की श्रृंखला को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
लोगों के लिए स्वास्थ्य विभाग की सलाह
- बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
- मच्छरदानी का नियमित उपयोग करें।
- घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
- पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं।
- चिकित्सक की सलाह के बिना दवा लेने से बचें।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें और तुरंत जांच कराकर समय पर उपचार लें।
