
अछोटी, दुर्ग। सांदीपनी एकेडमी, अछोटी में महिंद्रा प्राइड क्लासरूम एवं नांदी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित एक सप्ताह का “Employability Skills Development Programme” सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 21 से 26 सितंबर 2026 तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में छात्राओं को रोजगार एवं कार्यस्थल से जुड़े आवश्यक कौशलों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों में व्यावसायिक कौशल, आत्मविश्वास, संचार क्षमता तथा कार्यस्थल के लिए आवश्यक दक्षताओं का विकास करना था। प्रशिक्षण के दौरान Communication Skills, Teamwork, Problem-Solving, Time Management और Interview Preparation जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गतिविधि आधारित एवं सहभागितापूर्ण सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों के माध्यम से छात्राओं को वर्तमान रोजगार बाजार की अपेक्षाओं और कार्यस्थल पर प्रभावी प्रदर्शन के लिए जरूरी व्यवहारिक कौशलों से परिचित कराया गया।
प्रशिक्षण के सभी सत्र संसाधन व्यक्ति श्रीमती मंदाकिनी शर्मा द्वारा संचालित किए गए। उनकी संवादात्मक प्रशिक्षण शैली एवं प्रभावी मार्गदर्शन ने कार्यक्रम को रोचक और प्रेरणादायक बनाया। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रशिक्षण से उनके आत्मविश्वास, पेशेवर दृष्टिकोण और रोजगार संबंधी जागरूकता में वृद्धि हुई।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर तीन विद्यार्थियों को ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। इससे प्रतिभागियों में उत्साह और उपलब्धि की भावना को प्रोत्साहन मिला।
सांदीपनी एकेडमी की ओर से महिंद्रा प्राइड क्लासरूम एवं नांदी फाउंडेशन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि इस तरह की पहल युवाओं, विशेषकर छात्राओं को रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान करने और उन्हें आत्मनिर्भर एवं कार्यस्थल के लिए तैयार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम की सफलता में सांदीपनी एकेडमी के Director श्री महेंद्र चौबे के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही डॉ. स्वाति श्रीवास्तव, Principal (Education & Multidisciplinary Program), श्री सुधीर तिवारी, Administrator, डॉ. संध्या पुजारी, Head, Education Department तथा श्री दिगेश साहू, Head, ITI Department का निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के संचालन एवं समन्वय में IIC Student Council तथा श्री गुलसन कुमार बेहरा, IIC Cell President एवं IQAC Coordinator की सक्रिय भूमिका रही। उनके समर्पित प्रयासों और प्रभावी समन्वय से प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
