दुर्ग के 25 गांवों में जमीन की खरीदी-बिक्री पर रोक, कलेक्टर ने जारी किया आदेश

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ईस्ट-वेस्ट डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के लिए प्रशासन का बड़ा फैसला, तीन तहसीलों के गांव प्रतिबंध के दायरे में

दुर्ग। ईस्ट-वेस्ट डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना को लेकर दुर्ग जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जिले के 25 गांवों में जमीन की खरीदी-बिक्री, खाता विभाजन, नामांतरण और भूमि उपयोग परिवर्तन पर अगली सूचना तक अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

यह कार्रवाई डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) की ओर से भेजे गए पत्र के आधार पर की गई है। प्रशासन का उद्देश्य प्रस्तावित परियोजना के लिए आवश्यक भूमि से संबंधित प्रक्रियाओं को व्यवस्थित रखना और भविष्य में किसी प्रकार की जटिलता से बचना है।

औद्योगिक विकास के लिए अहम है परियोजना

ईस्ट-वेस्ट डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर देश की महत्वपूर्ण माल परिवहन रेल परियोजनाओं में शामिल है। प्रस्तावित कॉरिडोर पश्चिम बंगाल के दानकुनी से शुरू होकर झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात तक जाएगा। इससे औद्योगिक एवं खनिज क्षेत्रों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के लिए भी यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कॉरिडोर के विकसित होने से भिलाई स्टील प्लांट, सीमेंट उद्योग, खनिज आधारित इकाइयों और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को तेज, सुरक्षित और अपेक्षाकृत कम लागत में माल परिवहन की सुविधा मिल सकती है।

जरूरत पड़ने पर कलेक्टर कार्यालय में कर सकेंगे आवेदन

प्रशासन के आदेश के अनुसार प्रभावित गांवों में फिलहाल भूमि से जुड़े विभिन्न लेन-देन और प्रक्रियाओं पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, अत्यावश्यक परिस्थितियों में संबंधित व्यक्ति कलेक्टर कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।

आवेदन पर संबंधित विभागों और परियोजना एजेंसी से आवश्यक राय लेने के बाद प्रशासन मामले में उचित निर्णय लेगा। प्रशासन ने पूर्व में जारी आदेश में संशोधन करते हुए प्रभावित गांवों की संशोधित सूची भी जारी की है।

इन गांवों में रहेगा प्रतिबंध

दुर्ग तहसील: बिरेझर, चंगोरी, कोनारी, चंदखुरी, हनोदा, खम्हरिया, उमरपोटी, उतई और डुमरडीह।

पाटन तहसील: परेवाडीह, पहंडोर, औंधी, मगरघटा, बेन्द्री, नारधी, महकाकला, महकाखुर्द, कुरूदडीह और बटंग।

भिलाई-3 तहसील: सिरसाकला, परसदा (पाहंदा), सोमनी, गनियारी, देवबलोदा और उरला।

प्रशासन के इस आदेश के बाद इन गांवों के जमीन मालिकों और संभावित खरीदारों को भूमि संबंधी किसी भी लेन-देन से पहले आदेश की शर्तों और संबंधित विभाग से आवश्यक अनुमति की जानकारी लेना जरूरी होगा। प्रतिबंध अगली सूचना तक प्रभावी रहेगा।

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