
रिसाली। शासकीय नवीन महाविद्यालय रिसाली में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के साथ उनके गहरे जुड़ाव पर वक्ताओं ने प्रकाश डाला।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. नागरत्ना गनवीर ने आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास एवं सांस्कृतिक विरासत की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की परंपराएं और प्रकृति के साथ उनका सामंजस्यपूर्ण जीवन पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है।
प्रो. निवेदिता मुखर्जी ने आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराओं, रीति-रिवाजों एवं जीवनशैली पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने विद्यार्थियों को आदिवासी संस्कृति की विविध विशेषताओं से परिचित कराते हुए इसके संरक्षण और सम्मान की आवश्यकता पर जोर दिया।
वहीं प्रो. नूतन कुमार देवांगन ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति देश की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है। इसे संरक्षित करना और भावी पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

छत्तीसगढ़ी व्यंजन और आदिवासी वेशभूषा प्रतियोगिता
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर महाविद्यालय में छत्तीसगढ़ी व्यंजन प्रतियोगिता एवं आदिवासी वेशभूषा प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने विभिन्न पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को प्रस्तुत करने के साथ आकर्षक आदिवासी वेशभूषा के माध्यम से आदिवासी संस्कृति की विविधता और विशेषताओं को प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. वेद प्रकाश सिंह ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. लिनेंद्र कुमार वर्मा ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य, समस्त प्राध्यापक एवं कर्मचारीगण सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

