
दुर्ग, छत्तीसगढ़, 6 मई 2026: दुर्ग स्थित हेमचंद यादव यूनिवर्सिटी के एलएलबी फर्स्ट सेमेस्टर के छात्रों का रिजल्ट अब तक जारी नहीं हो पाया है। इस देरी की मुख्य वजह लीगल इंग्लिश के पेपर में छात्रों द्वारा हिंदी में उत्तर लिखना बताया जा रहा है। विश्वविद्यालय के अनुसार करीब 80 प्रतिशत छात्रों ने यह पेपर हिंदी में ही लिख दिया, जबकि नियमों के मुताबिक इसे अंग्रेजी में ही लिखा जाना अनिवार्य था।
यूनिवर्सिटी के अधिकारियों का कहना है कि यदि मौजूदा कॉपियों के आधार पर रिजल्ट जारी किया जाता है, तो बड़ी संख्या में छात्रों के फेल होने की संभावना है। वहीं, छात्रों को राहत देने की कोशिश में नियमों पर सवाल उठ सकते हैं। इस कारण फिलहाल रिजल्ट रोक दिया गया है और इस पर निर्णय लेने में देरी हो रही है।
छात्रों ने अंग्रेजी पेपर हिंदी में लिखा
दुर्ग संभाग में हेमचंद यादव यूनिवर्सिटी से एलएलबी कराने वाले करीब 5-6 कॉलेज शामिल हैं, जिनमें दुर्ग, राजनांदगांव और बालोद के कॉलेज प्रमुख हैं। इन कॉलेजों के छात्रों ने फर्स्ट सेमेस्टर की लीगल इंग्लिश परीक्षा हिंदी में ही दी। जबकि विश्वविद्यालय ने पहले से ही स्पष्ट किया था कि यह पेपर केवल अंग्रेजी में ही लिखा जा सकता है।
कार्यपरिषद की बैठक में तय होगा फैसला
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बताया कि इस मामले को सुलझाने के लिए 8 मई को स्थायी समिति की बैठक बुलाई गई है। इसके बाद 9 मई को कार्यपरिषद की बैठक में अंतिम फैसला लिया जाएगा। इसी बैठक में तय होगा कि रिजल्ट जारी किया जाए या फिर छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी पड़े।
छात्रों में नाराजगी और तनाव
रिजल्ट में देरी से छात्रों में नाराजगी बढ़ रही है। छात्रों का कहना है कि उन्हें अब तक नहीं पता कि उनकी गलती क्या है। पहले सेमेस्टर का रिजल्ट न आने और दूसरे सेमेस्टर की तैयारी शुरू होने से छात्र तनाव में हैं और पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रहे।
एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव आदित्य नारंग ने कहा, “समय पर रिजल्ट आने से छात्र अपनी आगे की पढ़ाई और करियर की योजना सही तरीके से बना पाते। एटीकेटी आने या न आने की स्थिति स्पष्ट नहीं होने से छात्र असमंजस में हैं।”
अन्य सेमेस्टर के रिजल्ट जारी
विश्वविद्यालय ने 7 अप्रैल को एलएलबी के तीसरे और पांचवें सेमेस्टर के रिजल्ट जारी कर दिए हैं। वहीं, मई-जून 2026 सत्र के लिए दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा तिथि, फॉर्म और परीक्षा केंद्रों की जानकारी भी पहले ही छात्रों को उपलब्ध कराई जा चुकी है।
छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द रिजल्ट जारी करने और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की मांग की है।
