बिलासपुर, 29 मई 2026। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक छात्र के शैक्षणिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए ईद के अवकाश के दिन भी विशेष सुनवाई कर तत्काल राहत प्रदान की। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद बिलासपुर स्थित रुंगटा कॉलेज के छात्र प्रांजल यादव को पीजीडीसीए द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी किया गया, जिससे वह परीक्षा में शामिल हो सकेगा।
जानकारी के अनुसार, रुंगटा कॉलेज में अध्ययनरत प्रांजल यादव को किसी कारणवश पीजीडीसीए सेकंड सेमेस्टर की परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी नहीं किया गया था। एडमिट कार्ड नहीं मिलने के कारण छात्र परीक्षा देने से वंचित हो रहा था। इस स्थिति से चिंतित छात्र ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दिलाने की मांग की।
मामले की गंभीरता और छात्र के भविष्य पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए हाईकोर्ट ने ईद के अवकाश के बावजूद मामले की तत्काल सुनवाई की। छात्र की ओर से अदालत को बताया गया कि एडमिट कार्ड जारी नहीं होने से उसका पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो सकता है और उसे अपूरणीय शैक्षणिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कॉलेज प्रशासन को निर्देश दिया कि छात्र को तत्काल एडमिट कार्ड जारी किया जाए, ताकि वह निर्धारित परीक्षा में शामिल हो सके। अदालत के आदेश के अनुपालन में कॉलेज प्रशासन ने छात्र को एडमिट कार्ड उपलब्ध करा दिया।
हाईकोर्ट के इस फैसले से छात्र और उसके परिवार ने राहत की सांस ली है। अब प्रांजल यादव पीजीडीसीए द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा दे सकेगा। शिक्षा जगत में भी इस मामले की चर्चा हो रही है और अदालत की संवेदनशीलता तथा त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय स्पष्ट करता है कि किसी भी छात्र का भविष्य प्रशासनिक या तकनीकी कारणों से प्रभावित नहीं होना चाहिए। यदि किसी विद्यार्थी के अधिकारों का हनन होता है तो न्यायालय समय पर हस्तक्षेप कर आवश्यक राहत प्रदान करने के लिए तत्पर है।
वहीं, इस पूरे मामले के बाद कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर किन परिस्थितियों में छात्र को एडमिट कार्ड जारी नहीं किया गया। हालांकि, कॉलेज प्रबंधन की ओर से अब तक इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।


