
इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस पर रॉयल ओमान पुलिस की कार्रवाई, फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट से प्रवेश का आरोप; तीन वर्षों में तीसरी गिरफ्तारी
रायपुर/भिलाई। महादेव बेटिंग ऐप के कथित प्रमोटर और भिलाई निवासी सौरभ चंद्राकर को रॉयल ओमान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उस पर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश करने का आरोप है। विदेशी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय जांच एजेंसियों के अनुरोध पर जारी इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर यह कार्रवाई की गई। फिलहाल सौरभ को ओमान की राजधानी मस्कट स्थित हाई सिक्योरिटी अल खौद डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। भारत सरकार उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज कर चुकी है।
सौरभ चंद्राकर मूल रूप से छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। वह पहले जूस सेंटर संचालित करता था, लेकिन बाद में अपने सहयोगी रवि उप्पल के साथ मिलकर महादेव बेटिंग ऐप का संचालन शुरू किया। ऑनलाइन सट्टेबाजी के इस नेटवर्क के विस्तार के बाद वर्ष 2019 में वह देश छोड़कर विदेश चला गया था।
सौरभ के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) मनी लॉन्ड्रिंग, ऑनलाइन सट्टेबाजी और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों की जांच कर रहे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, जून 2026 में उसके ओमान पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद इंटरपोल से संपर्क किया गया और 26 जून को अदालत से गिरफ्तारी वारंट जारी कराया गया। इसके बाद प्रत्यर्पण के लिए लगभग 400 पन्नों का दस्तावेज अंग्रेजी और अरबी भाषा में तैयार कर विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय को भेजा गया।
सूत्रों के अनुसार, सौरभ पर 25 हजार दिरहम की मनी लॉन्ड्रिंग का भी आरोप है। इससे पहले महादेव नेटवर्क से जुड़े रवि उप्पल, कमल, कपिल समेत छह लोगों को भी विदेश में गिरफ्तार किया गया था। वहीं श्रीलंका में नेटवर्क से जुड़े करीब 150 कर्मचारियों को हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी सामने आई है। सौरभ की गिरफ्तारी के बाद उसके कई रिश्तेदार भिलाई लौट आए हैं, जबकि उसके माता-पिता और पत्नी फिलहाल दुबई में बताए जा रहे हैं।
दो बार पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
सौरभ चंद्राकर को इससे पहले दिसंबर 2023 और अक्टूबर 2024 में दुबई में गिरफ्तार किया गया था। दोनों बार वह करीब एक महीने तक हिरासत में रहा, लेकिन बाद में रिहा हो गया और फिर से सट्टेबाजी नेटवर्क संचालित करने लगा। इस बार ओमान में गिरफ्तारी के बाद भारतीय एजेंसियों को उम्मीद है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे भारत लाया जा सकेगा।
जांच का दायरा लगातार बढ़ा
महादेव बेटिंग ऐप मामले में अब तक 70 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 210 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ईडी ने अब तक 74 लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें 22 गिरफ्तार किए जा चुके हैं तथा पांच आरोपपत्र अदालत में प्रस्तुत किए गए हैं। जांच के दायरे में कई प्रभावशाली लोग, पुलिस अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं। ईडी और सीबीआई ने देशभर में 174 से अधिक स्थानों पर छापेमारी कर हजारों करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, दुबई में भी सौरभ चंद्राकर की सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क किया जा चुका है।
प्रत्यर्पण पर टिकी निगाहें
भारतीय एजेंसियों का कहना है कि इस बार सौरभ चंद्राकर के प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया पहले से अधिक मजबूत तरीके से पूरी की गई है। अब अंतिम निर्णय ओमान की न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। यदि प्रत्यर्पण को मंजूरी मिलती है तो महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े देश के सबसे चर्चित मामलों में जांच को नई दिशा मिल सकती है।
