ब्रिस्टल। इंग्लैंड ने चौथे टी-20 मुकाबले में भारत को 9 विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली। इसके साथ ही इंग्लैंड ने पहली बार भारत के खिलाफ दो या उससे अधिक मैचों की टी-20 सीरीज अपने नाम की। यह 2018 के बाद पहली बार है जब भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ किसी भी प्रारूप की द्विपक्षीय सीरीज हार गई। ब्रिस्टल में खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कप्तान श्रेयस अय्यर की नाबाद 80 रन की शानदार पारी की बदौलत 20 ओवर में 158 रन बनाए, लेकिन इंग्लैंड ने यह लक्ष्य केवल 13.5 ओवर में एक विकेट खोकर हासिल कर लिया।
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने लगातार छठी बार टॉस जीतकर विराट कोहली के रिकॉर्ड की बराबरी की। इसके साथ ही उन्होंने कप्तानी संभालने के बाद लगातार छह टॉस जीतने का नया विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। हालांकि उनकी बेहतरीन पारी टीम को जीत नहीं दिला सकी। श्रेयस ने 49 गेंदों में नाबाद 80 रन बनाए और आदिल राशिद के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 16 गेंदों में 44 रन बटोरे। उन्होंने छक्का लगाकर अपना अर्धशतक भी पूरा किया।
भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी लगातार तीसरे मुकाबले में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और 10 गेंदों पर 15 रन बनाकर जोफ्रा आर्चर का शिकार बने। वहीं पारी की अंतिम गेंद पर अक्षर पटेल अनोखे अंदाज में रनआउट हुए। आर्चर ने गेंद को फुटबॉल की तरह किक मारकर सीधे स्टंप्स पर दे मारा, जिससे अक्षर क्रीज से बाहर रह गए।
इस मुकाबले में कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी बने। इंग्लैंड ने 2014 के बाद पहली बार भारत के खिलाफ टी-20 सीरीज जीती। भारत ने अपनी प्लेइंग इलेवन में आठ बाएं हाथ के बल्लेबाज उतारे, जो टी-20 इतिहास में तीसरी बार हुआ। इंग्लैंड ने 159 रन का लक्ष्य 37 गेंद शेष रहते हासिल किया, जो 150 या उससे अधिक रन के लक्ष्य का टी-20 अंतरराष्ट्रीय में तीसरा सबसे तेज सफल रनचेज है। गेंद शेष रहने के लिहाज से यह भारत की टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तीसरी सबसे बड़ी हार भी रही।
इंग्लैंड की इस जीत के साथ पांच मैचों की सीरीज में उसकी बढ़त 3-0 हो गई है और टीम ने सीरीज पर कब्जा भी जमा लिया है। अब भारतीय टीम शेष मुकाबलों में सम्मान बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी, जबकि इंग्लैंड की नजर क्लीन स्वीप कर इतिहास रचने पर होगी।


