दुर्ग, 30 मई 2026। छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान दुर्ग जिले के थनौद गांव में उस समय विवाद की स्थिति बन गई जब एक शिकायत के निराकरण को लेकर भाजपा नेता और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) आमने-सामने आ गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, सुशासन तिहार के तहत ग्रामीणों की समस्याएं सुनने और उनका त्वरित समाधान करने के लिए शिविर आयोजित किया गया था। इसी दौरान भाजपा के दुर्ग ग्रामीण मंडल महामंत्री पुराण देशमुख अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। शिकायत के निराकरण को लेकर उनकी जनपद CEO रूपेश पांडे से बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते तीखी नोकझोंक में बदल गई।
सामुदायिक भवन की राशि को लेकर विवाद
बताया जा रहा है कि विवाद की जड़ सामुदायिक भवन निर्माण के लिए जारी की गई राशि थी। भाजपा नेता का आरोप था कि पूर्व सरपंच के कार्यकाल में निर्माण कार्य पर स्टे लगाए जाने के बावजूद वर्तमान सरपंच के कार्यकाल में राशि कैसे जारी कर दी गई। वहीं, जनपद CEO का कहना था कि स्टे समाप्त हो चुका था, इसलिए नियमानुसार राशि जारी की गई।
बहस के दौरान बढ़ा तनाव
वायरल वीडियो में जनपद CEO और भाजपा नेता के बीच तीखी बहस दिखाई दे रही है। वीडियो में CEO को उंगली दिखाते हुए यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, “तुम्हें जो करना है कर लो।” इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच भी हलचल का माहौल बन गया।
विधायक की भूमिका पर उठे सवाल
घटना के समय दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर भी मौके पर मौजूद थे। हालांकि वीडियो में वे पूरे घटनाक्रम के दौरान शांत खड़े दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने न तो बहस में हस्तक्षेप किया और न ही दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की। इसके बाद सोशल मीडिया पर विधायक की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह की बहस से सुशासन तिहार जैसे कार्यक्रमों की छवि प्रभावित होती है।
फिलहाल इस मामले को लेकर प्रशासन या जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं वायरल वीडियो को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।

