
रायपुर, 9 जून 2026। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PTRSU) द्वारा परीक्षा एवं अन्य शैक्षणिक शुल्कों में की गई बढ़ोतरी को लेकर छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने कड़ा विरोध जताया है। परिषद का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक साथ कई शुल्कों में भारी वृद्धि कर छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है।
ABVP के अनुसार, विश्वविद्यालय ने सेमेस्टर परीक्षा शुल्क ₹1075 और वार्षिक परीक्षा शुल्क ₹1085 से बढ़ाकर ₹1580 कर दिया है। संगठन का दावा है कि यह लगभग 46 प्रतिशत की वृद्धि है, जिसका सीधा असर गरीब, मध्यमवर्गीय और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों पर पड़ेगा।
वेरिफिकेशन शुल्क पर भी उठे सवाल
छात्र संगठन ने विश्वविद्यालय द्वारा मार्कशीट और सिलेबस वेरिफिकेशन शुल्क ₹5000 निर्धारित किए जाने पर भी आपत्ति दर्ज कराई है। परिषद का कहना है कि नौकरी, उच्च शिक्षा में प्रवेश और अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं के लिए दस्तावेजों का सत्यापन कराने वाले विद्यार्थियों और पूर्व विद्यार्थियों के लिए इतनी अधिक राशि देना कठिन होगा।
शिक्षा को महंगा बनाने का आरोप
ABVP के रायपुर महानगर मंत्री सुजल गुप्ता ने कहा कि एक ओर सरकार और शैक्षणिक संस्थान शिक्षा को सुलभ और किफायती बनाने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर लगातार शुल्क बढ़ाकर छात्रों पर आर्थिक दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने परीक्षा शुल्क में वृद्धि और हर वर्ष 5 प्रतिशत शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव को छात्र हितों के विपरीत बताया।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा आंदोलन
ABVP ने विश्वविद्यालय प्रशासन से परीक्षा शुल्क वृद्धि को तत्काल वापस लेने, प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत शुल्क वृद्धि के निर्णय को निरस्त करने तथा मार्कशीट एवं सिलेबस वेरिफिकेशन शुल्क को कम करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो छात्र हित में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
छात्र संगठन का कहना है कि उच्च शिक्षा संस्थानों का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ शिक्षा उपलब्ध कराना होना चाहिए, न कि बढ़ती फीस के माध्यम से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना।
