
धमतरी, 9 जून 2026। धमतरी जिले के मुजगहन बाईपास-पोटियाडीह क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान पुलिस और एक युवक के बीच हुए विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद चर्चा में आए मामले में संबंधित युवक किशोर ने इंस्टाग्राम पर नया वीडियो जारी कर पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। युवक ने घटना पर अफसोस जताते हुए स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मियों द्वारा उससे किसी प्रकार की रिश्वत नहीं मांगी गई थी और वह अब इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहता।
परिवार के साथ लौटते समय हुआ था विवाद
युवक ने वीडियो में बताया कि घटना वाली रात वह अपने परिवार के साथ फिल्म देखकर घर लौट रहा था। इसी दौरान पुलिस द्वारा वाहन जांच के लिए उसकी बाइक रोकी गई। युवक के अनुसार मौके पर बैरिकेड नहीं होने के कारण उसे स्थिति असामान्य लगी और सुरक्षा की दृष्टि से उसने वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों और उसके बीच बहस शुरू हो गई, जो बाद में विवाद का रूप ले गई।
युवक ने स्वीकार किया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए थाना प्रभारी (टीआई) को बुलाया गया था। हालांकि दोनों पक्षों के बीच बातचीत के दौरान मामला और अधिक गरमा गया। बाद में उसने घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया।
रिश्वत मांगने के आरोपों का किया खंडन
अपने नए वीडियो में युवक ने साफ कहा कि पुलिसकर्मियों ने उससे किसी भी प्रकार की रिश्वत नहीं मांगी थी। उसने बताया कि पुलिस द्वारा मांगे गए पहचान संबंधी दस्तावेज वह पहले ही जमा कर चुका है। युवक का कहना है कि वीडियो वायरल होने के बाद कई एडिटेड वीडियो और भ्रामक टिप्पणियां सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगीं, जिससे मामला अनावश्यक रूप से बढ़ गया।
किसी कार्रवाई की मांग नहीं
युवक ने कहा कि वह किसी दबाव में नहीं बल्कि अपनी स्वेच्छा से यह बयान जारी कर रहा है। उसने लोगों से अपील की कि घटना से जुड़े भ्रामक वीडियो और अपुष्ट जानकारियां सोशल मीडिया पर साझा न करें। साथ ही उसने स्पष्ट किया कि वह अपने परिवार और व्यक्तिगत जीवन पर ध्यान देना चाहता है तथा मामले में किसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग नहीं कर रहा है।
जांच के लिए बनी थी विशेष समिति
गौरतलब है कि वायरल वीडियो सामने आने के बाद धमतरी पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने मामले की जांच के लिए तीन डीएसपी की विशेष समिति गठित की थी। समिति में डीएसपी मोनिका मरावी, डीएसपी भानु प्रताप चंद्राकर और डीएसपी यशकरण ध्रुव को शामिल किया गया था। जांच के सिलसिले में संबंधित पुलिसकर्मियों और युवक को नोटिस भी जारी किए गए थे।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
युवक के नए वीडियो के सामने आने के बाद माना जा रहा है कि विवाद अब शांत होने की दिशा में बढ़ सकता है। हालांकि मामले की अंतिम स्थिति जांच समिति की रिपोर्ट और पुलिस प्रशासन के आगामी निर्णय के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

