दुर्ग, 18 जून 2026। दुर्ग नगर निगम ने गुरुवार सुबह बोरसी भाठा क्षेत्र में दुर्ग-बालोद रेलवे लाइन के किनारे स्थित अतिक्रमणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार दुकानों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के पालन में की गई। मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों से अवैध निर्माण हटाए गए।
नोटिस के बाद शुरू हुई कार्रवाई
नगर निगम की टीम ने कार्रवाई शुरू करने से पहले संबंधित अतिक्रमण स्थलों पर नोटिस चस्पा किए। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए अवैध निर्माणों को हटाया गया। अधिकारियों के अनुसार यह पूरी कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की गई है।
एसडीएम कोर्ट में अपील खारिज होने के बाद बढ़ी कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, एसडीएम न्यायालय ने पहले अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया था। प्रभावित पक्षों ने इसके खिलाफ अपील दायर की थी, लेकिन लगभग एक सप्ताह पहले एसडीएम कोर्ट ने सभी अपीलों को खारिज कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
सुबह 5 बजे से तैनात रहा पुलिस बल
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुबह करीब 5 बजे से ही क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कार्रवाई के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर, नगर निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल, तहसीलदार वीरेंद्र सिंह सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
37 निर्माण हटाने का आदेश, 33 को मिला स्टे
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि हाईकोर्ट ने कुल 37 दुकानों और मकानों को हटाने का आदेश दिया था। हालांकि, इनमें से 33 प्रभावित पक्षों को न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे) मिल गया है। इसी कारण उन निर्माणों पर फिलहाल कार्रवाई नहीं की जा सकी।
बिना राहत वाले चार निर्माणों पर चला बुलडोजर
चार ऐसे निर्माण थे जिनके पास किसी प्रकार का न्यायालयीन स्थगन आदेश नहीं था। नगर निगम ने इन्हीं चार दुकानों को ध्वस्त किया। शेष मामलों में न्यायालय के आगामी आदेशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अवैध कब्जों पर जारी रहेगी मुहिम
नगर निगम और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक भूमि तथा रेलवे लाइन से लगे क्षेत्रों में अवैध कब्जों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन मामलों में न्यायालय से राहत नहीं मिली है, वहां नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
अमलीडीह में भी अवैध निर्माण पर कार्रवाई
इसी बीच पाटन तहसील के ग्राम अमलीडीह में भी अवैध भूमि विकास और निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की गई। खसरा क्रमांक 15000 की 27.351 हेक्टेयर भूमि पर स्वीकृत नक्शे से हटकर जमीन का विभाजन, सड़क निर्माण, बाउंड्रीवाल और अन्य विकास कार्य किए जाने की शिकायत मिली थी।
नगर एवं ग्राम निवेश विभाग ने हटाए अवैध निर्माण
छत्तीसगढ़ नगर एवं ग्राम निवेश विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और बिना अनुमति किए जा रहे विकास कार्यों को नियम विरुद्ध पाया। विभाग ने अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की।
नोटिस के बावजूद नहीं मिला जवाब
सहायक संचालक, नगर एवं ग्राम निवेश दुर्ग के अनुसार, संबंधित कंपनी मेसर्स दमयंती इन्फ्रास्ट्रक्चर को पहले नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं मिलने पर विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण हटवा दिए।
प्रशासन का संदेश
प्रशासन ने दोहराया है कि न्यायालय के आदेशों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। सार्वजनिक भूमि, रेलवे सुरक्षा क्षेत्र और नियोजन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।



