
युवा शक्ति–नशा मुक्त भारत की शक्ति” कार्यक्रम में 24 विधाओं की प्रतियोगिताएं, विधायक ललित चंद्राकर ने दिलाई सामूहिक शपथ
दुर्ग। मेरा युवा भारत, जिला दुर्ग तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्त्वावधान में सेठ आर.सी.एस. कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, दुर्ग में “युवा शक्ति–नशा मुक्त भारत की शक्ति” विषय पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारियों, स्वयंसेवकों, प्रतिभागियों तथा निर्णायक मंडल के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. संजय तिवारी, कुलपति, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग ने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देते हुए कहा कि नशे की लत व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके परिवार, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करती है। युवाओं को अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर शिक्षा, खेल, कला, साहित्य, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी गतिविधियों में अपनी ऊर्जा का उपयोग करना चाहिए।
प्रो. तिवारी ने कहा कि नशे में लिप्त युवाओं को अपराधी या समाज पर बोझ समझना उचित नहीं है। उन्हें सहानुभूति, परामर्श, उपचार और सामाजिक सहयोग की आवश्यकता होती है। परिवार, शिक्षक, कार्यक्रम अधिकारी, स्वयंसेवक और सामाजिक संस्थाएं मिलकर ऐसे युवाओं को नशे की आदत से बाहर निकाल सकती हैं। नशे से प्रभावित युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ाकर उन्हें पुनः शिक्षा, रोजगार और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों से अपने-अपने महाविद्यालयों एवं गोद ग्रामों में नशामुक्ति के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक युवाओं के बीच मित्र, मार्गदर्शक और प्रेरक की भूमिका निभाकर नशामुक्त समाज के निर्माण में प्रभावी योगदान दे सकते हैं।
कार्यक्रम के समापन अतिथि माननीय श्री ललित चंद्राकर, विधायक, दुर्ग ग्रामीण एवं उपाध्यक्ष, पिछड़ा वर्ग आयोग ने कहा कि नशे के विरुद्ध अभियान को केवल मंचीय कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखना चाहिए। इसे परिवार, गांव, मोहल्ले, विद्यालय और महाविद्यालय स्तर तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से नशे से स्वयं दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।
समापन अवसर पर विधायक श्री ललित चंद्राकर ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, कार्यक्रम अधिकारियों, निर्णायक मंडल के सदस्यों, स्वयंसेवकों एवं प्रतिभागियों को जीवन में किसी भी प्रकार का नशा न करने, दूसरों को नशे से बचाने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने की सामूहिक शपथ दिलाई।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री प्रवीण चंद तिवारी, अध्यक्ष, जिला शिक्षा समिति, दुर्ग; श्री मनोज शर्मा, अध्यक्ष, शासी निकाय तथा डॉ. पूजा मल्होत्रा, प्राचार्य, सेठ आर.सी.एस. कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, दुर्ग उपस्थित रहे। अतिथियों ने युवाओं की रचनात्मक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए नशामुक्ति अभियान को सामाजिक आंदोलन बनाने पर बल दिया।
प्रो. जैनेंद्र दीवान, कार्यक्रम समन्वयक, राष्ट्रीय सेवा योजना, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग कार्यक्रम में अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास करना है। नशामुक्ति जैसे अभियानों में स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।
जिला स्तरीय कार्यक्रम में नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता से संबंधित 24 प्रकार की विधाओं में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने अपनी कला, लेखन, वक्तृत्व, अभिनय और रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों को सामने रखा तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवन का संदेश दिया।
सभी प्रतियोगिताओं के निष्पक्ष एवं पारदर्शी मूल्यांकन के लिए विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों को शामिल करते हुए 24 सदस्यीय निर्णायक मंडल गठित किया गया था। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुति, विषय की समझ, रचनात्मकता, मौलिकता और सामाजिक संदेश के आधार पर मूल्यांकन किया।
कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालयों के राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारियों तथा स्वयंसेवकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। स्वयंसेवकों ने पूरे आयोजन में अनुशासन, पंजीयन, मंच व्यवस्था, प्रतिभागी समन्वय और जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम के आयोजक श्री क्षितिज गुप्ता, जिला युवा अधिकारी, मेरा युवा भारत, दुर्ग; डॉ. लीना साहू, जिला संगठक, राष्ट्रीय सेवा योजना, जिला बालोद तथा श्री सुरेश कुमार ठाकुर, जिला संगठक, राष्ट्रीय सेवा योजना, जिला दुर्ग रहे। आयोजकों के संयुक्त प्रयास और समन्वय से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
समापन अवसर पर अतिथियों ने प्रतिभागियों, निर्णायक मंडल, कार्यक्रम अधिकारियों और स्वयंसेवकों को उनके योगदान के लिए बधाई दी। आयोजकों ने सभी अतिथियों, सहयोगी संस्थाओं और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
