दुर्ग/नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में वर्ष 2023 की सबसे चर्चित और दुस्साहसिक ज्वेलरी चोरी की वारदातों में शामिल ‘उमराव सिंह ज्वैलर्स मेगा हेइस्ट’ का खुलासा करते हुए दुर्ग और दिल्ली पुलिस ने महज चार दिनों के भीतर मास्टरमाइंड लोकेश श्रीवास को भिलाई के स्मृति नगर से गिरफ्तार कर लिया था। करीब 20 से 25 करोड़ रुपये मूल्य के सोने, हीरे के आभूषण और नकदी की चोरी करने वाले इस शातिर अपराधी को पकड़कर पुलिस ने लगभग शत-प्रतिशत माल बरामद कर लिया था।
यह मामला न केवल चोरी की बड़ी वारदात के कारण बल्कि आरोपी की पेशेवर कार्यशैली, डिजिटल ट्रैकिंग और पुलिस के तेज़ एवं समन्वित ऑपरेशन के कारण पूरे देश में चर्चा का विषय बना था।
24 सितंबर 2023 की रात रची गई करोड़ों की चोरी की पटकथा
पुलिस जांच के अनुसार, 24 सितंबर 2023 (रविवार) की रात लगभग 10:45 बजे लोकेश श्रीवास दिल्ली के भोगल इलाके में स्थित प्रतिष्ठित उमराव सिंह ज्वैलर्स के समीप पहुंचा। उसने पहले से की गई रेकी के आधार पर शोरूम के बगल की इमारत की छत से प्रवेश का रास्ता चुना।
हाथ में हथौड़ी, छीनी और कटर मशीन लेकर वह छत से नीचे उतरा और शोरूम की मजबूत कंक्रीट दीवार में बड़ा सुराख कर अंदर प्रवेश कर गया। अंदर पहुंचते ही उसने सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा अलार्म सिस्टम को निष्क्रिय कर दिया ताकि उसकी गतिविधियां रिकॉर्ड न हो सकें।
सोमवार का अवकाश बना चोरी का सबसे बड़ा हथियार
25 सितंबर 2023 (सोमवार) को पूरा बाजार बंद था। इसी का फायदा उठाकर लोकेश करीब 15 से 18 घंटे तक शोरूम के भीतर ही मौजूद रहा।
उसने स्ट्रॉन्ग रूम की दीवार काटकर अंदर प्रवेश किया और बेहद सुनियोजित तरीके से सोने के आभूषण, हीरे-जवाहरात तथा नकदी समेटता रहा। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अकेले ही इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।
शोरूम के भीतर कई घंटे बिताने के बाद वह करोड़ों रुपये का माल लेकर फरार हो गया और बस के माध्यम से छत्तीसगढ़ की ओर निकल पड़ा।
26 सितंबर को खुला करोड़ों की चोरी का राज
26 सितंबर 2023 (मंगलवार) को सुबह लगभग 10:30 बजे जब शोरूम के संचालक दुकान खोलने पहुंचे तो स्ट्रॉन्ग रूम में सेंधमारी और करोड़ों के माल की चोरी का पता चला।
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस की कई टीमें सक्रिय हो गईं। शोरूम के कैमरे बंद होने के कारण शुरुआती जांच चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन पुलिस ने तकनीकी जांच का सहारा लिया।
एक सीसीटीवी फुटेज और गूगल सर्च ने पहुंचाया आरोपी तक
हालांकि आरोपी ने शोरूम के सभी कैमरे बंद कर दिए थे, लेकिन भागते समय वह कश्मीरी गेट आईएसबीटी के एक बाहरी सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दे गया।
दिल्ली पुलिस ने फुटेज से प्राप्त तस्वीरों का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच के दौरान आरोपी की तस्वीर पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और छत्तीसगढ़ पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस से जुड़ी तस्वीरों से मेल खा गई।
इसके बाद मोबाइल सर्विलांस, कॉल डिटेल्स और डिजिटल लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए पुलिस को यह महत्वपूर्ण सुराग मिला कि आरोपी दिल्ली छोड़कर छत्तीसगढ़ पहुंच चुका है।
स्मृति नगर में पुलिस चौकी के पास छिपा था मास्टरमाइंड
जांच के दौरान मिले इनपुट के आधार पर दिल्ली पुलिस की टीम छत्तीसगढ़ पहुंची। दुर्ग पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी ने भिलाई के स्मृति नगर क्षेत्र में पुलिस चौकी के पास ही किराए का कमरा लिया हुआ है।
29 सितंबर 2023 की सुबह दुर्ग जिला पुलिस और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने उसके ठिकाने पर दबिश दी।
पुलिस को देखते ही लोकेश श्रीवास ने खिड़की से कूदकर भागने का प्रयास किया, लेकिन पहले से घेराबंदी कर चुकी पुलिस टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
सूटकेस और बोरों में छिपाकर रखा था करोड़ों का खजाना
गिरफ्तारी के बाद की गई तलाशी में पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लगभग 18.5 किलोग्राम सोना, बड़ी मात्रा में हीरे के आभूषण और करीब 12.5 लाख रुपये नकद बरामद किए।
चोरी का अधिकांश माल सूटकेस और बोरों में भरकर छिपाया गया था। बरामदगी की मात्रा इतनी अधिक थी कि इसे देश की हालिया सबसे बड़ी और सफल रिकवरी में शामिल माना गया।
दुर्ग पुलिस की भूमिका बनी सफलता की कुंजी
इस हाई-प्रोफाइल मामले में दुर्ग पुलिस की सक्रियता और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई खुफिया जानकारी निर्णायक साबित हुई। दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर आरोपी को पकड़ने और करोड़ों का माल बरामद करने में दुर्ग पुलिस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
महज 96 घंटे के भीतर देशभर में चर्चा का विषय बनी इस चोरी का खुलासा कर पुलिस ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की थी।
प्रमुख घटनाक्रम एक नजर में
? 24 सितंबर 2023, रात 10:45 बजे – लोकेश श्रीवास शोरूम में दाखिल हुआ।
? 25 सितंबर 2023 – बंद बाजार का फायदा उठाकर स्ट्रॉन्ग रूम से करोड़ों की ज्वेलरी चोरी की।
? 26 सितंबर 2023, सुबह 10:30 बजे – शोरूम खुलने पर चोरी का खुलासा।
? 29 सितंबर 2023, तड़के – भिलाई के स्मृति नगर से आरोपी गिरफ्तार।
? 18.5 किलो सोना, हीरे और ₹12.5 लाख नकद बरामद।
? कुल चोरी का मूल्य: लगभग ₹20 से ₹25 करोड़।



