
एनईपी एंबेसडरों का बैच पहनाकर किया स्वागत, विधायक ने विद्यार्थियों से ‘एक पेड़ मां के नाम’ लगाने की अपील
रिसाली, 8 अगस्त। शासकीय नवीन महाविद्यालय रिसाली में 6 अगस्त 2026 को नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं मार्गदर्शन के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, कैबिनेट मंत्री दर्जा एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि ललित चंद्राकर ने सत्र 2026-27 के एनईपी एंबेसडरों को बैच पहनाकर उनका उत्साहवर्धन किया। इनमें बीए प्रथम सेमेस्टर से आलोक शाह एवं ईशा मानिकपुरी, बीकॉम प्रथम सेमेस्टर से भावेश एवं वर्षा यादव तथा बीएससी प्रथम सेमेस्टर से मनीष कुमार एवं दीपिका शामिल रहे।
‘माता-पिता के बाद गुरु ही जीवन के मार्गदर्शक’
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। माता-पिता के बाद जीवन में सही दिशा दिखाने का कार्य गुरु ही करते हैं। विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा और कला को पहचानकर उसे निखारने में गुरु की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें अनुशासन, संस्कार और निरंतर मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान करते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रत्येक विद्यार्थी से एक पौधा लगाने की अपील की।
नई शिक्षा नीति आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
महाविद्यालय की संस्था प्रमुख डॉ. अनुपमा अस्थाना ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। दीक्षारंभ कार्यक्रम भारतीय सनातन संस्कृति की परंपराओं से जुड़ा हुआ है और विद्यार्थियों के हित में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्तमान समय तकनीक का युग है। विद्यार्थियों के लिए नई तकनीकों का ज्ञान आवश्यक है। मोबाइल, इंटरनेट, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं अन्य डिजिटल संसाधनों का उपयोग शिक्षा, नवाचार, शोध और कौशल विकास के लिए किया जाना चाहिए।
जनभागीदारी सदस्यों और पालकों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में जनभागीदारी अध्यक्ष विधि यादव, श्री अनुपम एकनाथ साहू, श्री पुनाराम कलियारी, श्री नरेंद्र निर्मलकर, श्री सुरेंद्र रजक, श्री शैलेंद्र शेंडें, श्रीमती शिखा तिवारी, श्रीमती भारती साहू सहित जनभागीदारी समिति के सदस्य एवं पालकगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. ममता ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन प्रो. नूतन कुमार देवांगन ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. नागरत्ना गनवीर, प्रो. निवेदिता मुखर्जी, डॉ. लिनेंद्र कुमार वर्मा, प्रो. विनीता, प्रो. रितु श्रीवास्तव, प्रो. वेद प्रकाश सिंह सहित कर्मचारीगण गुलशन देवांगन, संतोष कुमार गुप्त गौड़, व्यास नारायण, सुखनंदन साहू, रंजना, डामन साहू, दीपमालिनी, लोचन एवं निकिता तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
