
कोलकाता। दक्षिण कोलकाता के तारातला ट्रांसपोर्ट डिपो क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। ब्रेस ब्रिज के पास ट्रांसपोर्ट डिपो रोड स्थित निर्माणाधीन गोदाम का शेड अचानक ढह गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में अब तक 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 14 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। आशंका जताई जा रही है कि मलबे में अभी भी 40 से अधिक मजदूर और कर्मचारी फंसे हो सकते हैं।
जानकारी के अनुसार घटना दोपहर करीब 1:30 बजे हुई, जब गोदाम में कंक्रीट ढलाई का कार्य चल रहा था। इसी दौरान लोहे के पोल और टीन से बने विशाल शेड का हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के समय बड़ी संख्या में मजदूर निर्माण कार्य में लगे हुए थे।
घटना की सूचना मिलते ही कोलकाता पुलिस, डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप, सिविल डिफेंस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज तथा सेना की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मलबे को हटाने के लिए भारी क्रेन तैनात की गई है, जबकि गैस कटर की मदद से लोहे की छड़ों को काटकर फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मलबे में दबे कई लोगों की आवाजें सुनाई दे रही हैं, जिससे बचाव दल लगातार तेजी से रेस्क्यू अभियान चला रहा है। घायलों को तत्काल एसएसकेएम अस्पताल के ट्रॉमा केयर सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
मलबे में फंसे मजदूर की मार्मिक गुहार
रेस्क्यू अभियान के दौरान एक मजदूर गंभीर रूप से मलबे में फंसा मिला। स्थानीय युवक अंकित सिंह ने उसका पैर पकड़कर बचाव दल को उसकी स्थिति बताई। दर्द से कराहते हुए मजदूर बार-बार कहता रहा, “अगर जरूरत हो तो मेरा पैर काट दीजिए, लेकिन मेरी जान बचा लीजिए।” इस घटना ने मौके पर मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।
हेल्पलाइन नंबर जारी
राज्य सरकार ने हादसे के बाद आम लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1070, 8697981070 और 033-22143526/22535185 जारी किए हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
निर्माण कार्यों में सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गोदाम की जमीन ओडिशा के एक व्यवसायी की बताई जा रही है, जिसे एक निजी फर्म को लीज पर दिया गया था। दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
फिलहाल राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है तथा प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने पर केंद्रित है।



