आरंग, 9 जून 2026। विकासखंड आरंग के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गुज़रा में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। ग्राम पंचायत की सरपंच बिंदू बंजारे के खिलाफ उपसरपंच एवं पंचों द्वारा प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी आरंग ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए 17 जून 2026 को विशेष सम्मेलन बुलाया है, जिसमें प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान किया जाएगा।
17 जून को होगा विशेष सम्मेलन
जारी आदेश के अनुसार, ग्राम पंचायत भवन गुज़रा में 17 जून को दोपहर 1 बजे पंचों का विशेष सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस बैठक में सरपंच के विरुद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के बाद मतदान कराया जाएगा। प्रशासन ने सरपंच को बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।
सरपंच पर लगे गंभीर आरोप
उपसरपंच और पंचों ने छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 21 तथा पंचायत राज नियम 1994 के तहत विस्तृत शिकायत प्रस्तुत की है। शिकायत में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
6 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का आरोप
पंचों का आरोप है कि पंचायत में लगभग छह लाख रुपये की शासकीय राशि स्वीकृत एवं आहरित की गई, लेकिन संबंधित कार्यों का स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया। जानकारी मांगने पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
पंचायत कार्यों में भाई के हस्तक्षेप का आरोप
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सरपंच पंचायत की बैठकों एवं निर्णय प्रक्रिया में अपने सगे भाई को शामिल करती हैं, जबकि वे न तो पंचायत क्षेत्र के निवासी हैं और न ही किसी निर्वाचित पद पर हैं।
पंचायत क्षेत्र से बाहर निवास करने का आरोप
आरोप है कि सरपंच अधिकांश समय अपने मायके ग्राम बिमचा, जिला महासमुंद में निवास करती हैं, जिसके कारण ग्रामीणों को जाति, निवास, राशन कार्ड और अन्य दस्तावेजों के सत्यापन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पानी टैंकर और मोटर पंप के नाम पर फर्जी भुगतान का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि पंचायत में पेयजल आपूर्ति के लिए पानी टैंकर नहीं पहुंचा, बावजूद इसके अक्टूबर 2025 में पानी टैंकर सप्लाई के नाम पर 40 हजार रुपये से अधिक की राशि निकाली गई। वहीं पुराने मोटर पंप और सिंटेक्स टंकी को नवीन निर्माण अथवा मरम्मत दर्शाकर 32 हजार रुपये के भुगतान का भी आरोप लगाया गया है।
अभिलेख दिखाने से इंकार
पंचों ने आरोप लगाया कि पंचायत के रिकॉर्ड, पासबुक और रजिस्टर देखने की मांग करने पर सरपंच एवं सचिव द्वारा जानकारी देने से मना कर दिया जाता है, जो पारदर्शिता के सिद्धांतों के विपरीत है।
तहसीलदार विनोद साहू बनाए गए पीठासीन अधिकारी
सम्मेलन की निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए तहसीलदार मंदिरहसौद विनोद साहू को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है। वे बैठक की अध्यक्षता करेंगे और पूरी कार्यवाही की रिपोर्ट कलेक्टर रायपुर एवं एसडीएम कार्यालय को सौंपेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने थाना प्रभारी मंदिरहसौद को पर्याप्त महिला एवं पुरुष पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही वरिष्ठ आंतरिक लेखा परीक्षक को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु पत्राचार किया गया है।
17 जून पर टिकीं निगाहें
ग्राम पंचायत गुज़रा में उत्पन्न इस राजनीतिक संकट के बीच अब पूरे क्षेत्र की निगाहें 17 जून को होने वाले विशेष सम्मेलन पर टिकी हैं। मतदान के बाद यह स्पष्ट होगा कि सरपंच बिंदू बंजारे अपने पद पर बनी रहेंगी या पंचायत में नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता खुलेगा।
(नोट: सरपंच के विरुद्ध लगाए गए आरोप शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों की आधिकारिक जांच या अंतिम पुष्टि अभी शेष है।)




