
पुराने विवाद में मारपीट का आरोप, 10-11 युवकों ने बेसबॉल और क्रिकेट बैट से किया हमला; मोबाइल, आभूषण और 40 हजार रुपए लूटने का भी दावा
रायपुर के मोवा इलाके से 12वीं कक्षा के 17 वर्षीय छात्र को कार में बैठाकर भिलाई ले जाने और उसके साथ गंभीर मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष के मुताबिक, नाबालिग को पहले दलदल सिवनी रोड और माना क्षेत्र में पीटा गया। इसके बाद उसे भिलाई के एक मैदान में ले जाया गया, जहां करीब 10-11 युवकों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की।
घटना 10 सितंबर की बताई जा रही है। मारपीट में मोवा निवासी अनिकेत साहू के चेहरे और जबड़े में गंभीर चोटें आई हैं। मेडिकल जांच में उसके जबड़े में तीन जगह फ्रैक्चर पाए गए। गंभीर हालत को देखते हुए उसे रायपुर डेंटल कॉलेज रेफर किया गया है।
कार में बैठाने के बाद शुरू हुई मारपीट
पीड़ित पक्ष के अनुसार, परिचित अरमान सिद्दीकी, रोशन सोनी, मुदित मिश्रा और शिव सोनी ने अनिकेत को मोवा के दलदल सिवनी रोड से वरना कार में बैठाया। आरोप है कि पुराने विवाद को लेकर कार में बैठाते ही उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। इसके बाद उसे माना क्षेत्र ले जाया गया, जहां भी उसके साथ मारपीट किए जाने का आरोप है।
कुम्हारी टोल प्लाजा के पास सामान और नकदी छीनने का आरोप
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि कुम्हारी टोल प्लाजा के पास अनिकेत से ब्रेसलेट, गले की चेन, अंगूठी, दो मोबाइल फोन और 40 हजार रुपए नकद छीन लिए गए। परिजनों के मुताबिक, नकदी में 40 हजार रुपए उसके दोस्त के थे। आरोपियों ने घायल के मोबाइल से सिम कार्ड भी निकाल लिया।
भिलाई के मैदान में बैट से हमला
इसके बाद अनिकेत को भिलाई के एक मैदान में ले जाने का आरोप है। यहां 5-6 अन्य युवक भी पहुंचे। पीड़ित पक्ष के मुताबिक, कुल करीब 10-11 युवकों ने मिलकर उसकी पिटाई की। आरोप है कि बेसबॉल बैट से हमला किया गया, जिसमें दो बैट टूट गए। एक क्रिकेट बैट टूटने की बात भी सामने आई है।
हमले में अनिकेत के चेहरे और जबड़े में गंभीर चोटें आईं। जांच के दौरान जबड़े में तीन जगह फ्रैक्चर सामने आए। उसकी हालत गंभीर होने के कारण उसे आगे के इलाज के लिए रायपुर डेंटल कॉलेज रेफर किया गया।
पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी उठे सवाल
मामले में पीड़ित पक्ष के रिश्तेदार राहुल तिवारी ने पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर भी आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि घटना के दौरान दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने आरोपियों को बचाने की कोशिश की और घायल अनिकेत को पहले कपड़े पहनने की सलाह दी।
राहुल तिवारी के मुताबिक, आरोपियों को थाने ले जाने के बाद खुद को पीड़ित बताकर शिकायत करने की बात कही गई। परिजनों का कहना है कि गंभीर चोटों के कारण अनिकेत बोलने की स्थिति में नहीं था और उसने कागज-पेन के जरिए अपनी बात बताई।
बयान में विरोधाभास की बात सामने आई
पीड़ित के मुताबिक, रास्ते में खाकी वर्दी और जैकेट पहना एक व्यक्ति मिला था। आरोप है कि उस व्यक्ति ने घायल को कपड़े दिलाने और बाद में थाने जाकर उसके खिलाफ शिकायत करने की सलाह दी।
इसके बाद आरोपियों के जामुल थाने पहुंचने की बात सामने आई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान रोशन सोनी और अरमान सिद्दीकी के बयानों में विरोधाभास मिला और दोनों ने कथित तौर पर अपने बयान कई बार बदले।
जामुल थाने में अपहरण, लूट और मारपीट का केस
घटना के अलग-अलग हिस्से रायपुर और भिलाई में होने के बावजूद मामले में दुर्ग के जामुल थाने में अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 140(3), 296, 3(5), 309(6) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले में आरोपों की जांच कर रही है।
