अमेजन से खरीदा Apple AirPods Pro निकला नकली, उपभोक्ता आयोग ने सेलर पर लगाया जुर्माना

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फॉरेंसिक जांच में वजन, आकार और सीरियल कोड में मिली गड़बड़ी; 9 प्रतिशत ब्याज समेत पूरी राशि लौटाने का आदेश

बिलासपुर। अमेजन इंडिया से खरीदा गया Apple AirPods Pro नकली निकलने के मामले में बिलासपुर जिला उपभोक्ता आयोग ने सेलर अप्पारियो रिटेल प्राइवेट लिमिटेड को सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार का दोषी माना है। आयोग ने सेलर को उपभोक्ता से ली गई 24,900 रुपए की पूरी राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया है। इसके अलावा 5 हजार रुपए क्षतिपूर्ति और 3 हजार रुपए वाद व्यय के रूप में देने को कहा गया है। आदेश की पूरी राशि का भुगतान 45 दिनों के भीतर करना होगा।

2022 में अमेजन से किया था एयरपॉड्स का ऑर्डर

तालापारा रोड निवासी मोहम्मद अरशद ने 8 मई 2022 को अमेजन इंडिया के माध्यम से Apple AirPods Pro का कैश ऑन डिलीवरी ऑर्डर किया था। 18 मई को उत्पाद की डिलीवरी मिलने के बाद उन्होंने बॉक्स खोला तो एयरपॉड्स की प्रामाणिकता पर संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने उत्पाद को Apple Store में भी दिखाया, जहां इसे संदिग्ध बताया गया।

अरशद ने अनबॉक्सिंग वीडियो के साथ अमेजन पर शिकायत दर्ज कराई और उत्पाद के संबंध में रिव्यू भी किया। उनका आरोप था कि रिव्यू हटा दिया गया और कस्टमर केयर से भी उन्हें संतोषजनक समाधान नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने विधिक नोटिस भेजकर उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया।

फॉरेंसिक जांच में सामने आया अंतर

मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से स्वतंत्र फॉरेंसिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट पेश की गई। रिपोर्ट में असली और शिकायतकर्ता को मिले एयरपॉड्स के वजन, आकार, सीरियल कोडिंग, मार्किंग और मैग्नेटिक फोर्स में अंतर पाया गया। फॉरेंसिक जांच में प्राप्त उत्पाद को नकली बताया गया।

आयोग ने फॉरेंसिक रिपोर्ट और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों पर विचार करते हुए सेलर अप्पारियो रिटेल प्राइवेट लिमिटेड को नकली उत्पाद की बिक्री के लिए जिम्मेदार माना।

अमेजन इंडिया और Apple India को मिली राहत

मामले में आयोग के अध्यक्ष आनंद कुमार सिंघल, सदस्य पूर्णिमा सिंह और आलोक कुमार पाण्डेय की पीठ ने सुनवाई की। आयोग ने अमेजन इंडिया और Apple India को मामले में दायित्व से मुक्त कर दिया।

आयोग के अनुसार अमेजन ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस के रूप में काम कर रहा था, जबकि बिक्री का बिल अप्पारियो रिटेल के नाम पर था। वहीं मामले को निर्माण दोष के बजाय नकली उत्पाद की बिक्री से जुड़ा माना गया। इसी आधार पर Apple India को भी इस मामले में जिम्मेदार नहीं ठहराया गया।

45 दिनों में करना होगा भुगतान

जिला उपभोक्ता आयोग ने सेलर को 24,900 रुपए की मूल राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज, 5 हजार रुपए क्षतिपूर्ति और 3 हजार रुपए वाद व्यय का भुगतान करने का आदेश दिया है। आयोग के आदेश के अनुसार निर्धारित राशि का भुगतान 45 दिनों के भीतर किया जाना है।

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