
दुर्ग। दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत खेरथा में प्रस्तावित बायोगैस प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को सैकड़ों ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष राकेश ठाकुर के नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित प्लांट के निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस भूमि पर बायोगैस प्लांट प्रस्तावित है, वह वर्षों से गांव एवं आसपास के क्षेत्रों के पशुओं के लिए चरागाह के रूप में उपयोग होती रही है। उनका आरोप है कि इस जमीन पर निर्माण होने से पशुपालकों के सामने चारे का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा और पारंपरिक चराई व्यवस्था प्रभावित होगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए। उनका आरोप है कि ग्राम सभा और ग्राम पंचायत द्वारा दर्ज कराई गई आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया तथा संबंधित प्रस्तावों को खारिज कर दिया गया, जो स्थानीय जनभावनाओं के विपरीत है।
विरोध कर रहे ग्रामीणों ने आशंका जताई कि बायोगैस प्लांट शुरू होने के बाद आसपास के गांवों में दुर्गंध, प्रदूषण और भूजल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उनका कहना है कि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं पर पर्याप्त विचार किए बिना परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।
जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों के हितों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ग्रामीणों की मांगों की अनदेखी करता है और निर्माण कार्य नहीं रोकता, तो कांग्रेस ग्रामीणों के साथ मिलकर व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन करेगी।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार की योजना के तहत प्रस्तावित इस बायोगैस प्लांट के लिए पहले जामुल और कुरुद में भी स्थान चयन को लेकर विवाद और विरोध सामने आ चुका है। इसके बाद परियोजना को खेरथा स्थानांतरित किया गया, लेकिन यहां भी स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

