
दुर्ग। दुर्ग जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र में मजदूरी करने वाली महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने 19 वर्षीय हर्ष यादव और 20 वर्षीय नितेश ठाकुर को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी महिला को पैसों का लालच देकर सुनसान स्थान पर ले गए थे। वहां कथित तौर पर जबरदस्ती करने की कोशिश की गई। महिला द्वारा विरोध करने और पुलिस में शिकायत करने की चेतावनी देने पर आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी।
पुलिस के अनुसार, 16 जुलाई को मजदूरी करने वाली भगवंतीन साहू रोज की तरह घर से निकली थीं, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटीं। परिजनों ने उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई। इसी दौरान पुलगांव नाला फ्लाईओवर के पास झाड़ियों में एक अज्ञात महिला का शव मिला। जिला अस्पताल में परिजनों ने शव की पहचान भगवंतीन साहू के रूप में की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर, चेहरे और हाथ पर गंभीर चोटों के साथ हत्या की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलगांव थाना में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम गठित की। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास लगे 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। स्थानीय लोगों, मजदूरों और ई-रिक्शा चालकों से पूछताछ के साथ तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का संदेह हर्ष यादव और नितेश ठाकुर पर गया। हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ करने पर दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना वाले दिन वे बाइक से घूमते हुए शराब पी रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात महिला से हुई। आरोपियों ने महिला को पैसों का लालच देकर ई-रिक्शा के माध्यम से पुलगांव नाला के पुराने पुल के पास स्थित सुनसान इलाके में ले गए। वहां कथित तौर पर दुष्कर्म का प्रयास किया गया। महिला द्वारा विरोध करने और पुलिस में शिकायत की बात कहने पर दोनों ने उसकी हत्या करने का फैसला कर लिया।
जांच के अनुसार, पहले एक आरोपी ने गमछे से महिला का गला दबाया, जबकि दूसरे आरोपी ने पास में पड़े बड़े पत्थर (बोल्डर) से सिर और चेहरे पर कई वार किए। इसके बाद दोनों ने मिलकर हमला किया, जिससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी पैदल पुलगांव चौक पहुंचे और वहां से लिफ्ट लेकर चंदखुरी चले गए। पुलिस से बचने के लिए उन्होंने अपने कपड़े बदल दिए और उन्हें छिपाने का प्रयास किया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पत्थर, घटना के समय पहने गए कपड़े और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद कर लिए हैं। इन्हें जांच में शामिल किया गया है।
दुर्ग सिटी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने बताया कि आरोपियों के पास पैसे नहीं थे। उन्होंने अपने मोबाइल फोन 2,000 रुपये में बेच दिए थे। घूमने के दौरान उनकी बाइक भी खराब हो गई थी। इसके बाद वे पैदल घूमते हुए महिला के संपर्क में आए। पुलिस के अनुसार, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

