मोती भवन पर निगम का टैक्स नोटिस: कभी सत्ता का केंद्र रहा भवन आज वीरान, राजनीतिक गलियारों में चर्चा

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रायपुर, 21 जून। राजधानी रायपुर के सदर बाजार स्थित ऐतिहासिक मोती भवन, जो कभी छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता था, आज नगर निगम की कर वसूली कार्रवाई का सामना कर रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय मोतीलाल वोरा से जुड़ा यह भवन इन दिनों संपत्तिकर बकाया होने के कारण चर्चा में है।

नगर निगम रायपुर के जोन-4 द्वारा भवन पर संपत्तिकर बकाया होने के संबंध में नोटिस चस्पा किया गया है। इसके साथ ही लोक अदालत की ओर से भी नोटिस लगाया गया है। वर्षों से बंद पड़े इस भवन में वर्तमान में कोई निवास नहीं करता और भवन जर्जर अवस्था में दिखाई देता है।

मोती भवन कभी कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र हुआ करता था। यहां संगठनात्मक बैठकों से लेकर चुनावी रणनीतियों तक पर चर्चा होती थी। प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण फैसलों का गवाह रहा यह भवन अब सूना और उपेक्षित नजर आ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि एक समय ऐसा था जब इस भवन से प्रदेश की राजनीति की दिशा तय होती थी, लेकिन आज उसी भवन पर टैक्स बकाया का नोटिस लगना समय के बदलाव को दर्शाता है। इस घटना ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना दिया है।

गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा का निधन 21 दिसंबर 2020 को हुआ था। उनके निधन के बाद से भवन में नियमित गतिविधियां बंद हो गईं और पिछले कई वर्षों से नगर निगम द्वारा कर बकाया संबंधी नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

नगर निगम की कार्रवाई के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि शहर की राजनीतिक विरासत से जुड़े इस ऐतिहासिक भवन के संरक्षण और रखरखाव को लेकर भविष्य में क्या कदम उठाए जाएंगे।

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