
रायपुर, 5 जून 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत से पहले विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शिक्षा विभाग ने वर्षों से चली आ रही यूनिफॉर्म वितरण व्यवस्था में बदलाव करते हुए इस बार विद्यार्थियों को दोनों यूनिफॉर्म सेट एक साथ उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार 16 जून से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से पहले अधिकांश स्कूलों में यूनिफॉर्म पहुंचाने की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। सरकार का उद्देश्य है कि विद्यार्थियों को सत्र के पहले दिन से ही आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें और पढ़ाई बिना किसी बाधा के शुरू हो सके।
50 लाख से अधिक यूनिफॉर्म सेट तैयार
शिक्षा विभाग द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक प्रदेशभर के लाखों विद्यार्थियों के लिए 50 लाख से अधिक यूनिफॉर्म सेट तैयार किए गए हैं। वितरण प्रक्रिया को समयबद्ध और व्यवस्थित बनाने के लिए पहले से व्यापक योजना तैयार की गई है। वर्तमान में 18 जिलों में दोनों यूनिफॉर्म सेट की आपूर्ति पूरी की जा चुकी है, जबकि शेष जिलों में भी वितरण कार्य तेजी से जारी है।
विद्यार्थियों और अभिभावकों को मिलेगी राहत
अब तक विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म के दोनों सेट अलग-अलग चरणों में प्राप्त होते थे, जिससे कई बार वितरण में देरी और असुविधा की शिकायतें सामने आती थीं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों को अनावश्यक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी तथा सत्र के प्रारंभ से ही दोनों सेट उपलब्ध हो जाएंगे।
पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति भी अंतिम चरण में
यूनिफॉर्म वितरण के साथ-साथ शिक्षा विभाग ने पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया है। विभागीय जानकारी के अनुसार कक्षा 9वीं और 10वीं की अधिकांश पुस्तकें स्कूलों तक पहुंच चुकी हैं, जबकि अन्य कक्षाओं की पुस्तकों का वितरण भी अंतिम चरण में है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा वातावरण बनाने पर जोर
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यूनिफॉर्म और पाठ्यपुस्तकों की समय पर उपलब्धता से विद्यार्थियों को नए सत्र की शुरुआत से ही बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा। इससे स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था अधिक प्रभावी ढंग से संचालित होगी और विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई सुनिश्चित हो सकेगी।
सरकार की इस पहल को विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है, जिससे नए सत्र की शुरुआत अधिक व्यवस्थित और सुगम बनने की उम्मीद है।
