
रायपुर। उच्च शिक्षा हासिल करने के इच्छुक मेधावी विद्यार्थियों के लिए आर्थिक बाधा कम करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना के तहत शिक्षा ऋण की सुविधा दी जा रही है। योजना के अंतर्गत निर्धारित गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षण संस्थानों में मेरिट के आधार पर प्रवेश लेने वाले पात्र विद्यार्थियों को बिना संपत्ति गिरवी रखे और बिना गारंटर के शिक्षा ऋण मिल सकता है।
10 लाख रुपए तक के ऋण पर 3 प्रतिशत ब्याज सहायता
योजना के तहत जिन पात्र विद्यार्थियों के परिवार की सालाना आय 8 लाख रुपए तक है, उन्हें 10 लाख रुपए तक के शिक्षा ऋण पर 3 प्रतिशत ब्याज सहायता मिलने का प्रावधान है। इसके लिए विद्यार्थी का किसी अन्य सरकारी छात्रवृत्ति या ब्याज अनुदान योजना का लाभ नहीं लेना आवश्यक है। इसके अलावा योजना के तहत निर्धारित अन्य पात्रता शर्तें भी लागू होंगी।
7 लाख विद्यार्थियों को लाभ देने का लक्ष्य
केंद्र सरकार ने वर्ष 2024-25 से 2030-31 तक पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना के तहत ब्याज सहायता के लिए 3,600 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इस अवधि में करीब 7 लाख नए विद्यार्थियों को योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।
आवेदन के लिए ये दस्तावेज जरूरी
शिक्षा ऋण के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को आधार कार्ड, 10वीं एवं 12वीं या अंतिम अर्हकारी परीक्षा की अंकसूची अथवा डिप्लोमा, प्रवेश प्रमाणपत्र या ऑफर लेटर, फीस एवं पाठ्यक्रम खर्च का विवरण, आय प्रमाणपत्र तथा विद्यार्थी और माता-पिता की फोटो जैसे दस्तावेज तैयार रखने होंगे।
पहले जांचें संस्थान की पात्रता
आवेदन करने से पहले विद्यार्थियों को यह जांचना जरूरी है कि जिस कॉलेज या विश्वविद्यालय में उन्होंने प्रवेश लिया है, वह पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना के लिए पात्र संस्थानों की वर्तमान सूची में शामिल है या नहीं। पात्र संस्थानों की सूची पीएम-विद्यालक्ष्मी पोर्टल पर ‘List of PM Vidyalaxmi Institutes’ विकल्प के माध्यम से देखी जा सकती है।
ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
पात्र विद्यार्थी पीएम-विद्यालक्ष्मी की ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से शिक्षा ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले संस्थान की पात्रता, पारिवारिक आय सीमा और योजना की अन्य शर्तों की जांच करना जरूरी होगा।
