
कई दिनों तक कारोबारी की रेकी के बाद वारदात को दिया अंजाम, चोरी की रकम से बाइक मरम्मत, शॉपिंग और शराब पार्टी; पुलिस ने 1.57 लाख रुपए किए बरामद
दुर्ग, 4 अगस्त। दुर्ग जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र में कार का शीशा तोड़कर 4.90 लाख रुपए की उठाईगिरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस सनसनीखेज वारदात का मास्टरमाइंड एक गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड की जोड़ी निकली, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी। पुलिस ने मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
कई दिनों तक की कारोबारी की रेकी
पुलिस के अनुसार 28 जुलाई को मुक्त नगर निवासी व्यापारी प्रमोद महेश्वरी अपनी कार में करीब 4.90 लाख रुपए लेकर पोटिया रोड स्थित उत्सव होंडा शोरूम पहुंचे थे। कार पार्क कर वे कुछ देर के लिए बाहर गए। इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने कार का शीशा तोड़कर नकदी से भरा बैग चोरी कर लिया। घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलगांव थाना पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की।
सीसीटीवी और जांच से खुला राज
घटनास्थल और आसपास लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर पुलिस की नजर शोरूम के एक कर्मचारी पर गई। पूछताछ में उसने पूरी वारदात का खुलासा कर दिया, जिसके बाद गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड ने बनाई थी पूरी योजना
जांच में सामने आया कि शोरूम में कार्यरत भुवनेश्वर डहरिया और उसकी गर्लफ्रेंड सपना राजपूत इस वारदात के मुख्य साजिशकर्ता थे। भुवनेश्वर को व्यापारी की रोजाना की दिनचर्या और नकदी लेकर आने की जानकारी थी। उसने कई दिनों तक रेकी करने के बाद अपने साथियों संजय साहू, संतोष जोशी और जितेंद्र कुमार के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस को गुमराह करने के लिए बदले वाहन
आरोपियों ने पुलिस को भ्रमित करने के उद्देश्य से वारदात के दौरान तीन अलग-अलग दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल किया। घटना के बाद सभी अलग-अलग रास्तों से निकल गए और बाद में एक स्थान पर एकत्र होकर चोरी की रकम का बंटवारा किया।
चोरी की रकम से की मौज-मस्ती
पुलिस के मुताबिक भुवनेश्वर ने अपनी गर्लफ्रेंड सपना के बैंक खाते में एटीएम के माध्यम से 1.04 लाख रुपए जमा किए। वहीं करीब 30 हजार रुपए बाइक की मरम्मत में खर्च किए गए। अन्य आरोपियों ने नए कपड़े खरीदे और शराब व बीयर पार्टी में रकम उड़ा दी। पुलिस अब तक 1.57 लाख रुपए ही बरामद कर सकी है।
एक फोन कॉल बना अहम सबूत
जांच के दौरान भुवनेश्वर के मामा संतोष जोशी ने सपना राजपूत को फोन कर बैंक खाते में जमा रकम के बारे में पुलिस को जानकारी नहीं देने की बात कही। पुलिस ने स्पीकर पर पूरी बातचीत सुन ली, जिससे संतोष की संलिप्तता भी उजागर हो गई। इसके बाद उसे भी सह-आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया गया।
सभी आरोपी भेजे गए जेल
पुलिस ने भुवनेश्वर डहरिया, सपना राजपूत, संजय साहू, संतोष जोशी और जितेंद्र कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि गिरोह ने सुनियोजित तरीके से रेकी कर इस वारदात को अंजाम दिया था और मामले की आगे भी विस्तृत जांच जारी है।

