बिलासपुर। हाईवे और सार्वजनिक सड़कों पर बाइक से खतरनाक स्टंट, तेज रफ्तार ड्राइविंग और सड़क पर जन्मदिन मनाने के मामलों को लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की डिवीजन बेंच ने मामले में राज्य सरकार को इन घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए स्पष्ट गाइडलाइन तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
हाई कोर्ट ने कहा कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की ओर से समय-समय पर निर्देश जारी किए जाते रहे हैं, लेकिन सड़क पर स्टंट और सार्वजनिक मार्गों पर बर्थडे सेलिब्रेशन जैसी घटनाओं से निपटने के लिए अलग से स्पष्ट गाइडलाइन की आवश्यकता है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से गाइडलाइन तैयार करने के लिए समय मांगा गया।
अखबार में प्रकाशित खबर पर हाई कोर्ट ने लिया था संज्ञान
सड़कों पर जन्मदिन मनाने से जुड़े दो मामलों पर 29 जनवरी 2025 को प्रकाशित खबर का हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था। इसके बाद मामले की जनहित याचिका के तौर पर सुनवाई शुरू हुई। कोर्ट ने डीजीपी, बिलासपुर एसएसपी सहित संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा था।
24 अगस्त 2026 को हुई पिछली सुनवाई में बिलासपुर एसएसपी की ओर से शपथपत्र प्रस्तुत किया गया था। इसमें बताया गया कि कोरी डैम के पास बाइक स्टंट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया, बाइक जब्त की और बाद में न्यायालय में चार्जशीट पेश की।
13 महीने में 26 से ज्यादा मामले, 80 से अधिक गिरफ्तारियां
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पिछले 13 महीनों में सड़क पर स्टंटबाजी, खतरनाक ड्राइविंग और सार्वजनिक मार्ग पर जन्मदिन मनाने से जुड़े 26 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में करीब 80 लोगों की गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है।
सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि अब तक अधिकांश मामलों में कार्रवाई सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद हुई। सड़क सुरक्षा और निगरानी के लिए लगाए गए आईटीएमएस कैमरे भी स्टंटबाजी या खतरनाक ड्राइविंग के मामलों को प्रभावी रूप से पकड़ नहीं सके हैं।
डीजीपी ने दिए हैं कार्रवाई और जागरूकता के निर्देश
पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को सड़क पर स्टंटबाजी तथा बर्थडे सेलिब्रेशन जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के साथ ही लोगों के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के लिए भी कहा गया है।
हाई कोर्ट ने अब राज्य सरकार से इन घटनाओं की रोकथाम के लिए स्पष्ट और प्रभावी गाइडलाइन तैयार करने को कहा है।




