दुर्ग, 26 सितंबर 2026:
शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के कंप्यूटर साइंस विभाग द्वारा एम.एससी. कंप्यूटर साइंस विभागीय परिषद का शुभारंभ 26 सितंबर 2026 को दोपहर 12:00 बजे महाविद्यालय परिसर स्थित RUSA ब्लॉक, CS Lab-03 में गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कंप्यूटर विज्ञान एवं सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवीन ज्ञान, तकनीकी कौशल, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, अनुसंधान अभिरुचि तथा नवाचार के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ IQAC प्रभारी डॉ. प्रज्ञा कुलकर्णी तथा महाविद्यालय की स्वशासी परीक्षा नियंत्रक डॉ. जगजीत कौर सलूजा की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों एवं प्राध्यापकों का विद्यार्थियों द्वारा गुलाब पुष्प भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया।
कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत एम.एससी. कंप्यूटर साइंस तृतीय सेमेस्टर की छात्रा भावना द्वारा परिचय एवं स्वागत उद्बोधन के साथ हुई। उन्होंने उपस्थित अतिथियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए विभागीय परिषद के गठन एवं उसके उद्देश्यों की संक्षिप्त जानकारी प्रदान की।
इसके पश्चात कंप्यूटर साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सनत कुमार साहू को स्वागत उद्बोधन हेतु आमंत्रित किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए विभागीय परिषद के गठन को विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को विभागीय गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया तथा परिषद के माध्यम से विद्यार्थियों की तकनीकी एवं रचनात्मक प्रतिभा को आगे बढ़ाने पर बल दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह ने वर्तमान समय में कंप्यूटर साइंस एवं तकनीकी शिक्षा की बढ़ती महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज तकनीक समाज के लगभग प्रत्येक क्षेत्र से जुड़ी हुई है और विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर नवीन तकनीकों, अनुसंधान एवं नवाचार से स्वयं को जोड़ना चाहिए। उन्होंने कंप्यूटर साइंस विभाग को महाविद्यालय के अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अंतर्विषयक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, नई तकनीकों को अपनाने तथा अपने ज्ञान एवं कौशल के माध्यम से स्वयं के साथ-साथ महाविद्यालय का नाम आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
महाविद्यालय की स्वशासी परीक्षा नियंत्रक डॉ. जगजीत कौर सलूजा ने अपने उद्बोधन में कंप्यूटर साइंस विभाग के महाविद्यालय में प्रारंभ होने की पृष्ठभूमि तथा विभाग को स्थापित एवं संचालित करने की प्रक्रिया में आई चुनौतियों एवं प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने विद्यार्थियों को विभाग की उपलब्धियों एवं संभावनाओं को समझते हुए अपने विभाग के विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को उपलब्ध अवसरों का सदुपयोग करते हुए निरंतर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
IQAC प्रभारी डॉ. प्रज्ञा कुलकर्णी ने अपने संबोधन में गुणवत्ता संवर्धन एवं संस्थागत विकास में IQAC की भूमिका के संबंध में जानकारी प्रदान की। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक एवं तकनीकी क्षेत्रों में निरंतर सुधार के लिए प्रेरित किया। उन्होंने तकनीक एवं विभिन्न क्षेत्रों के समन्वय से नवीन विचारों को विकसित करने तथा अपने कौशल का उपयोग करते हुए भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर प्रो. दिलीप कुमार साहू तथा डॉ. लतिका ताम्रकार ने भी कंप्यूटर साइंस विभाग की नई विभागीय परिषद के गठन एवं शुभारंभ पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने विद्यार्थियों को परिषद की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ नेतृत्व एवं रचनात्मक कौशल विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण एम.एससी. कंप्यूटर साइंस विभागीय परिषद का डिजिटल एवं तकनीकी माध्यम से शुभारंभ रहा। परिषद का शुभारंभ एक विशेष कोडिंग-आधारित डिजिटल प्रस्तुति के माध्यम से किया गया, जिसमें महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह द्वारा की-बोर्ड पर Enter Key दबाकर परिषद के औपचारिक शुभारंभ की घोषणा की गई। इसके साथ ही स्क्रीन पर विभागीय परिषद के सदस्यों एवं पदाधिकारियों के नाम प्रदर्शित किए गए।
इसके पश्चात प्रो. दिलीप कुमार साहू द्वारा परिषद के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के नामों की घोषणा की गई। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह एवं उपस्थित विशिष्ट अतिथियों द्वारा परिषद के नवनियुक्त पदाधिकारियों को बैज प्रदान कर उनके दायित्वों का औपचारिक रूप से पदभार सौंपा गया।
विभागीय परिषद में अध्यक्ष के रूप में पूनम साहू (एम.एससी. कंप्यूटर साइंस तृतीय सेमेस्टर), उपाध्यक्ष के रूप में विकास देवांगन (एम.एससी. कंप्यूटर साइंस तृतीय सेमेस्टर), सचिव के रूप में अक्षत श्रीवास्तव (एम.एससी. कंप्यूटर साइंस प्रथम सेमेस्टर) तथा उपसचिव के रूप में रिचा यादव को दायित्व प्रदान किया गया। इनके साथ परिषद के समिति सदस्यों एवं AI Volunteer को भी उनके निर्धारित दायित्व सौंपे गए।
पदभार ग्रहण के पश्चात महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह द्वारा परिषद के सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों को कर्तव्य एवं दायित्व निर्वहन की शपथ दिलाई गई। इस दौरान सभी सदस्यों ने परिषद के उद्देश्यों की पूर्ति, अनुशासन, सहयोग, तकनीकी एवं शैक्षणिक विकास तथा विभाग की गतिविधियों में सक्रिय योगदान देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम के अगले चरण में विभाग द्वारा आगामी अक्टूबर माह में आयोजित होने वाले शनिवार के विशेष शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम कार्यक्रमों की समय-सारिणी प्रस्तुत की गई। विद्यार्थियों को प्रस्तावित गतिविधियों की जानकारी एक विशेष AI-generated video presentation के माध्यम से दी गई। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को तकनीक के रचनात्मक एवं शैक्षणिक उपयोग से परिचित कराने के साथ-साथ परिषद की आगामी गतिविधियों के प्रति उत्साहित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह एवं उनके साथ उपस्थित विशिष्ट अतिथियों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों द्वारा स्वयं तैयार किए गए गमले एवं पौधे स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट किए गए।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विभागाध्यक्ष, समस्त प्राध्यापकों, परिषद के पदाधिकारियों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति में सामूहिक स्मृति-चित्र लिया गया। यह अवसर विभागीय परिषद के गठन के साथ विद्यार्थियों के लिए नई जिम्मेदारियों, नई संभावनाओं एवं सामूहिक प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण आरंभ का प्रतीक बना।
एम.एससी. कंप्यूटर साइंस विभागीय परिषद का यह शुभारंभ विद्यार्थियों में तकनीकी दक्षता, नेतृत्व क्षमता, रचनात्मक सोच, नवाचार, अनुसंधान अभिरुचि, संप्रेषण कौशल एवं टीम भावना के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। परिषद के माध्यम से भविष्य में विद्यार्थियों को तकनीकी एवं शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ विभिन्न नवाचारात्मक एवं सह-पाठ्यक्रम कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
इस प्रकार कार्यक्रम का समापन “ज्ञान, तकनीक, नवाचार एवं सामूहिक प्रयास के माध्यम से विद्यार्थियों तथा विभाग को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता” के साथ हुआ।

