बिहान महिलाओं ने जैविक खेती से लिखी सफलता की नई कहानी

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प्राकृतिक कृषि अपनाकर बनीं प्रगतिशील किसान, अन्य किसानों के लिए बनीं प्रेरणा

दुर्ग, 22 जून 2026। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) एवं कृषि विभाग के संयुक्त प्रयासों से ग्राम पेंड्रावन, जनपद पंचायत धमधा की महिलाओं ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। मातृछाया उत्पादक महिला समूह की सदस्याओं ने प्राकृतिक कृषि को अपनाकर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गई हैं।

समूह की महिलाओं ने बताया कि बिहान मिशन से जुड़ने से पहले वे धान, गेहूं, चना और सब्जियों की खेती में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग करती थीं। खेती की बढ़ती लागत और घटते मुनाफे के कारण उन्हें आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही लगातार रासायनिक खादों के उपयोग से भूमि की उर्वरता भी प्रभावित हो रही थी।

इसी दौरान बिहान मिशन और कृषि विभाग द्वारा आयोजित किसान गोष्ठियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं तकनीकी मार्गदर्शन से महिलाओं को प्राकृतिक खेती की जानकारी मिली। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने घनजीवामृत, जीवामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र एवं अग्नियास्त्र जैसे जैविक उत्पादों का निर्माण शुरू किया और उनका उपयोग अपने खेतों में किया।

महिलाओं के अनुसार जैविक उत्पादों के उपयोग से खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी आई है, वहीं मिट्टी की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता में भी सुधार हुआ है। सकारात्मक परिणामों से उत्साहित होकर समूह की सदस्याओं ने गांव के अन्य किसानों को भी प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।

मातृछाया उत्पादक महिला समूह द्वारा तैयार जैविक उत्पादों और प्राकृतिक खेती के मॉडल को विकासखंड एवं जिला स्तरीय प्रदर्शनियों में भी प्रदर्शित किया जाता है, जहां उन्हें व्यापक सराहना और पहचान मिल रही है। समूह की महिलाएं लगातार विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेकर नई कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर रही हैं।

समूह की सदस्याओं ने बताया कि बिहान मिशन और कृषि विभाग के सहयोग ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है। आज वे सफल महिला किसान के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुकी हैं और ग्रामीण क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। महिलाओं ने अपनी इस सफलता के लिए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, बिहान मिशन एवं कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

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