निर्दयी मां का खौफनाक चेहरा : अपने ही ढाई साल के मासूम की हत्या कर जंगल के खाई में फेंका, पुलिस को गुमराह करने रची ये कहानी, ऐसे सुलझी दिल दहला देने वाली गुत्थी…..

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रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक निर्दयी मां को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। महिला ने अपने ही बच्चे की बेरहमी से हत्या की, फिर पुलिस को गुमशुदगी की झूठी कहानी सुनाई थी। पुलिस ने मामले में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाली कोई और नहीं, बल्कि बच्चे की अपनी ही मां है, जिसने गुमशुदगी और अपहरण की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। यह पूरा मामला कापू थाना क्षेत्र का है।

यह है पूरा मामला

घटना का खुलासा तब हुआ जब 19 अप्रैल को थाना कापू में मृतक बालक अनुज मंझवार के पिता बोधसाय मंझवार (28 वर्ष) ने थाना कापू में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि पत्नी सोनमती सरोती मंझवार दो बच्चे है, लड़की ढूलबाई उम्र साढे चार साल तथा लड़का अनुज मझवार उम्र ढाई साल का है। सासुराल सरभांजा मेनपाठ है। 16 अप्रैल गुरूवार को सबेरे करीब 5 बजे जंगल चार तोड़ने गया था। घर पर पत्नी और दोनो बच्चे थे। दोपहर में जब वह लौटा तो घर सूना मिला। शाम को उसकी साढ़े चार साल की बेटी दूलबाई अकेले घर पहुंची और बताया कि उसकी मां उसे घर भेजकर छोटे भाई अनुज को लेकर रानी गौवा नानी घर जंगल की ओर चली गई है। यह सुनते ही पिता को अनहोनी की आशंका हुई और ग्रामीणों के साथ रात तक जंगल में तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

अगले दिन सुबह आरोपी महिला सोनमती अकेले घर लौटी, लेकिन उसने बच्चे के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी और टालमटोल करती रही। लगातार दो दिनों तक परिजनों और ग्रामीणों द्वारा जंगल में खोजबीन की गई। आखिरकार 18 अप्रैल की रात करीब 1 बजे रानीगौवा पहाड़ के पास एक पगडंडी किनारे महुआ पेड़ के पास पत्थर पर खून के धब्बे दिखाई दिए। आसपास गहरी खाई में तलाश करने पर मासूम अनुज का शव मिला, जो सिर पर गंभीर चोट के साथ खून से लथपथ अवस्था में पड़ा था। यह दृश्य देखकर परिजन फूट-फूट कर रो पड़े और पूरे गांव में मातम पसर गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कापू पुलिस ने तत्परता से अपराध क्रमांक 68/2026 धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध दर्ज कर संदेही महिला को हिरासत में लिया। थाना प्रभारी उप निरीक्षक इगेश्वर यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देकर उनके मार्गदर्शन में वैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की। शुरुआत में महिला लगातार गुमराह करती रही और अपहरण जैसी कहानी गढ़ती रही, लेकिन जब पुलिस ने तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर सख्ती से पूछताछ की, तो आखिरकार वह टूट गई।

पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि घटना के दिन वह अपने दोनों बच्चों को लेकर मायके जा रही थी। रास्ते में लड़की को घर जाने लौटा दी और अपने बेटे को गोद में लेकर पहाड़ी चढ़ाई के दौरान थकान में बेटे को जमीन में उतार कर पैदल चलने बोली पर बालक अनुज जमीन पर बैठ गया, तब गुस्से में उसने अपने ढाई साल के मासूम बेटे को जमीन पर पटककर उसके सिर पर पत्थर से वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद वह घर लौटकर झूठी कहानी बनाकर सभी को भ्रमित करने लगी।

पुलिस ने मामले में ई-साक्ष्य के तहत आरोपी महिला का वीडियोग्राफी बयान लिया और उसे घटनास्थल ले जाकर घटना में प्रयुक्त पत्थर सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए। आरोपी सोनमती सरोती मझवार पति बोधसाय मंझवार उम्र 27 साल निवासी ग्राम पारेमेर फिटिंगपारा को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश पर एडिशनल एसपी अनिल सोनी व एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्दांत तिवारी ने पूरे घटनाक्रम का पटाक्षेप हुआ है । इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कापू उप निरीक्षक इगेश्वर यादव एवं उनकी टीम के प्रधान आरक्षक जयशंरण चन्द्रा, रामलाल सिदार, आरक्षक विभूति सिदार, संजीव पटेल, देवनारायण भगत, महिला आरक्षक बबीता भगत, संगीता लकड़ा, डॉयल 112 चालक तेज कुमार बघेल ने संवेदनशीलता, तत्परता और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए एक जघन्य अपराध का पर्दाफाश किया।

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