146 विकासखंडों में गरजा शिक्षकों का आंदोलन, 29 अगस्त से पहले मांगों पर निर्णय की चेतावनी

Spread the love

रायपुर, 22 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता, सेवा सुरक्षा, वरिष्ठता, पदोन्नति और वेतन विसंगति सहित विभिन्न मांगों को लेकर शिक्षक साझा मंच ने शनिवार को प्रदेशव्यापी शक्ति प्रदर्शन किया। मंच के आह्वान पर प्रदेश के 146 विकासखंडों में एक साथ रैली, धरना और ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किए गए। शिक्षकों ने विकासखंड मुख्यालयों में रैली निकालकर मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए लंबित मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की।

स्कूल बंद किए बिना शिक्षकों ने बुलंद की आवाज

आंदोलन की खास बात यह रही कि शिक्षकों ने विद्यालयीन कार्य और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित किए बिना अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाया। मंच ने इसे शिक्षक एकता, अनुशासन और जिम्मेदारी का उदाहरण बताया।

प्रदेश के विभिन्न जिलों में शिक्षकों ने विकासखंड स्तर पर रैली निकालकर TET की अनिवार्यता से प्रभावित शिक्षकों को सेवा सुरक्षा, वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति, वेतन विसंगति दूर करने और पूर्व सेवा की गणना सहित अन्य मांगों को लेकर आवाज उठाई। बस्तर, जशपुर सहित कई जिलों में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए। बेरला और बेमेतरा में बाइक रैली भी निकाली गई। बारिश के बीच भी कई स्थानों पर शिक्षक आंदोलन में डटे रहे।

रविंद्र राठौर ने सरकार को दी चेतावनी

सहायक शिक्षक समग्र फेडरेशन के अध्यक्ष एवं शिक्षक साझा मंच से जुड़े रविंद्र राठौर ने कहा कि विकासखंड स्तर पर शिक्षकों ने जिस एकजुटता और उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया, वह सराहनीय है। उन्होंने सरकार से 29 अगस्त को होने वाले जिला स्तरीय आंदोलन से पहले शिक्षकों की मांगों पर ठोस निर्णय लेने की मांग की।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 29 अगस्त से पहले मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो 29 अगस्त के जिला स्तरीय आंदोलन और 9 सितंबर को प्रस्तावित न्याय पदयात्रा में शिक्षक और अधिक तीखे तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

प्रदीप पाण्डेय बोले- न्याय के लिए संघर्ष

शिक्षक साझा मंच के संचालक प्रदीप पाण्डेय ने कहा कि शिक्षकों का आंदोलन किसी व्यवस्था को बाधित करने के लिए नहीं, बल्कि सेवा सुरक्षा और न्यायपूर्ण व्यवस्था के लिए है। प्रदेश के 146 विकासखंडों में एक साथ कार्यक्रम होना शिक्षक एकता और संगठन की ताकत को दर्शाता है।

29 अगस्त और 9 सितंबर पर नजर

शिक्षक साझा मंच के अनुसार 22 अगस्त का विकासखंड स्तरीय प्रदर्शन आंदोलन का अंतिम चरण नहीं है। मंच की अगली बड़ी गतिविधि 29 अगस्त को जिला स्तरीय आंदोलन के रूप में प्रस्तावित है। इसके बाद 9 सितंबर को न्याय पदयात्रा आयोजित करने की तैयारी है।

शिक्षक नेताओं का कहना है कि सरकार के पास अभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने का अवसर है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को आगामी चरणों में और व्यापक किया जाएगा।

कई शिक्षक नेताओं ने दिया समर्थन

प्रदेशव्यापी आंदोलन में विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता की। रविन्द्र राठौर, राजू टंडन, देवेंद्र हरमुख, मनीष मिश्रा, शेषनाथ पाण्डेय, बसंत कौशिक, कौशल अवस्थी, अश्वनी कुर्रे, सुरजीत सिंह चौहान, सिराज बक्श, पुरुषोत्तम झाड़ी, आदित्य गौरव साहू, टिकेश्वर भोई, तरुण वैष्णव, गोकुल जायसवाल, विजेंद्र चौहान, रोशन सहारे, नोहर चंद्रा, राजेंद्र वर्मा, मनीष डडसेना सहित विभिन्न शिक्षक प्रतिनिधियों ने आंदोलन को समर्थन दिया।

शिक्षक प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य लंबित मांगों पर सरकार को शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। साथ ही चेतावनी दी गई कि मांगों का समाधान नहीं होने की स्थिति में 29 अगस्त के जिला स्तरीय आंदोलन और 9 सितंबर की न्याय पदयात्रा में शिक्षक और अधिक मजबूती से अपनी आवाज उठाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× How can I help you?