विभागीय कार्रवाई पर सियासत की एंट्री: पूर्व CM भूपेश बघेल से मिले निलंबित CEO, बोले- कार्रवाई गलत, चीफ सेक्रेटरी से करूंगा शिकायत

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दुर्ग, 1 जून। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में जन समस्या निवारण शिविर के दौरान बीजेपी कार्यकर्ता से कथित बदसलूकी के मामले में निलंबित किए गए जनपद पंचायत दुर्ग के CEO रूपेश कुमार पाण्डेय के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। निलंबन आदेश जारी होने के बाद सोमवार को रूपेश कुमार पाण्डेय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की और विभागीय कार्रवाई को अनुचित बताया।

रूपेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई गलत है और वे इस संबंध में मुख्य सचिव (चीफ सेक्रेटरी) से मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे। उन्होंने दावा किया कि पूरे मामले में तथ्यों को सही ढंग से नहीं देखा गया।

वीडियो वायरल होने के बाद हुई कार्रवाई

मामला ग्राम थनौद में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर का है, जहां आम लोगों की शिकायतें सुनी जा रही थीं। इसी दौरान CEO रूपेश कुमार पाण्डेय और एक बीजेपी कार्यकर्ता के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में अधिकारी के कथित अमर्यादित व्यवहार को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई थी।

वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। दुर्ग कलेक्टर द्वारा रिपोर्ट भेजे जाने के बाद संभाग आयुक्त कार्यालय ने प्रारंभिक जांच कराई, जिसमें अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।

नोटिस के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ प्रशासन

जानकारी के अनुसार, 30 मई 2026 को रूपेश कुमार पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। अधिकारी ने अपना जवाब प्रस्तुत किया, लेकिन आयुक्त कार्यालय ने उसे संतोषजनक नहीं माना। इसके बाद विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

आचरण नियमों के उल्लंघन का आरोप

निलंबन आदेश में उल्लेख किया गया है कि शासकीय सेवकों के लिए सत्यनिष्ठा, कर्तव्यनिष्ठा तथा आम नागरिकों के प्रति शिष्ट व्यवहार अनिवार्य है। प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि संबंधित अधिकारी का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के अनुरूप नहीं था। इसी आधार पर उनके खिलाफ कदाचार और शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही का मामला माना गया।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

CEO के निलंबन के बाद मामले में राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात के बाद इस प्रकरण को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है। वहीं प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह जांच रिपोर्ट और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की गई है।

अब इस मामले में आगे मुख्य सचिव स्तर पर कोई नई पहल होती है या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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