
दुर्ग/भिलाई। भिलाई के खुर्सीपार थाना क्षेत्र में स्कूल आने-जाने वाले छात्रों को रोककर मारपीट, गाली-गलौज और शराब पीने के लिए पैसे मांगने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में दो युवकों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है, जबकि घटना में शामिल दो नाबालिगों को किशोर न्याय अधिनियम के तहत अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोटरसाइकिल और एक लकड़ी की हॉकी स्टिक भी जब्त की है।
पुलिस के अनुसार, 13 जुलाई की रात करीब 8:40 बजे खुर्सीपार निवासी मोहम्मद शब्बीर ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि कुछ युवक स्कूल आने-जाने वाले छात्रों को रास्ते में रोककर उनके साथ मारपीट करते हैं, गाली-गलौज करते हैं और शराब पीने के लिए पैसे मांगते हैं। पैसे देने से मना करने पर छात्रों को डराया-धमकाया जाता था।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए खुर्सीपार पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अगले दिन स्कूल समय के दौरान घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में जांच की गई। शिकायतकर्ता एवं पीड़ित छात्रों की मदद से आरोपियों की पहचान की गई।
जांच में 19 वर्षीय युवराज साहू निवासी डॉ. राजेंद्र प्रसाद नगर, खुर्सीपार तथा 21 वर्षीय शेखर गुप्ता निवासी एचसीएल कॉलोनी, तेलहा नाला के पास, खुर्सीपार की पहचान हुई। पूछताछ में दोनों ने छात्रों को रोककर मारपीट करने और शराब के लिए पैसे मांगने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने 14 जुलाई को दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इस वारदात में दो नाबालिग लड़के भी शामिल थे। उनके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत अलग से कार्रवाई की गई है।
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी मदनी मस्जिद के पास मदरसा जोन-02 क्षेत्र में सुनसान स्थानों पर छात्रों को रोकते थे। विरोध करने वाले बच्चों को धमकाया जाता था, जिससे कई छात्र स्कूल आने-जाने में भय महसूस करने लगे थे।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोटरसाइकिल और एक लकड़ी की हॉकी स्टिक जब्त की है। आशंका है कि हॉकी स्टिक का उपयोग छात्रों को डराने-धमकाने के लिए किया जाता था। पुलिस ने कहा कि स्कूलों के आसपास असामाजिक तत्वों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

