
रायपुर, 15 जुलाई। रायपुर के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में प्रदेश कांग्रेस ने बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में नकटी से राजभवन तक लगभग 14 किलोमीटर लंबी ‘नकटी न्याय पदयात्रा’ निकाली। पदयात्रा में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और प्रभावित परिवार शामिल हुए। कांग्रेस ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया।
यात्रा के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के पैर में पहले से मौजूद मोच बढ़ जाने के कारण उन्हें कुछ दूरी पैदल चलने के बाद कार से राजभवन के लिए रवाना होना पड़ा। उन्होंने बताया कि राज्यपाल से मिलने के लिए समय मांगा गया है और समय मिलने पर प्रतिनिधिमंडल ज्ञापन सौंपेगा।
पदयात्रा नकटी गांव से शुरू होकर वीआईपी रोड, वीआईपी चौक और राम मंदिर क्षेत्र से होते हुए राजभवन की ओर बढ़ी। यात्रा में पूर्व विधायक अनीता योगेंद्र शर्मा, अनिला भेड़िया, प्रमोद दुबे सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे। प्रभावित परिवारों ने भी पदयात्रा में शामिल होकर “नकटी गांव में ही घर बनाकर देने” और सम्मानजनक पुनर्वास की मांग उठाई।
कांग्रेस का आरोप है कि 29 जून को नकटी गांव में गरीब परिवारों के मकानों पर बुलडोजर चलाया गया, जिससे कई परिवार बेघर हो गए। पार्टी का कहना है कि प्रभावितों को न्याय और उचित पुनर्वास दिलाने के लिए यह पदयात्रा आयोजित की गई है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
पदयात्रा के मद्देनजर ट्रैफिक पुलिस ने श्रीराम मंदिर तिराहा (करेंसी टॉवर) से तेलीबांधा थाना तिराहा तक सर्विस रोड को लगभग पांच घंटे के लिए बंद रखा। आम नागरिकों से वैकल्पिक मार्ग और मुख्य सड़क का उपयोग करने की अपील की गई।
पदयात्रा की तैयारियों को लेकर एक दिन पहले राजीव भवन में कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई थी, जिसमें विभिन्न नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। कांग्रेस का कहना है कि वह विधानसभा से लेकर सड़क तक इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी।

