छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में जमीन, दुकान और बैंक में जमा रकम पर होगी कार्रवाई; ‘3 STUMPS’ सट्टा नेटवर्क के 29 आरोपी गिरफ्तार
रायपुर। ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा ऐप ‘3 STUMPS’ के कथित मास्टरमाइंड बाबू उर्फ गुलशन खेमानी की करीब 1.42 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने का न्यायालय ने आदेश जारी किया है। कुर्की की कार्रवाई के दायरे में छत्तीसगढ़ में स्थित जमीन, महाराष्ट्र में व्यावसायिक दुकान और बैंक खातों में जमा रकम शामिल है। रायपुर पुलिस ने इन संपत्तियों को अपराध से अर्जित बताते हुए न्यायालय में कुर्की का आवेदन प्रस्तुत किया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रायपुर ने 16 अक्टूबर को इस संबंध में आदेश जारी किया।
सट्टे की कमाई से संपत्ति अर्जित करने का आरोप
पुलिस के अनुसार, बाबू खेमानी के खिलाफ ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने और उससे अर्जित रकम को अलग-अलग माध्यमों से निवेश करने के मामले में कार्रवाई की जा रही है। इस प्रकरण में गुलशन खेमानी समेत अब तक 29 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस इससे पहले करीब 1.20 करोड़ रुपये मूल्य के सामान और वाहनों को जब्त कर चुकी है। अब आरोपियों की संपत्तियों पर कानूनी कार्रवाई करते हुए सट्टे से अर्जित धन और उससे जुड़े आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
कॉल सेंटर और बैंक खातों के जरिए संचालित होता था नेटवर्क
रायपुर पुलिस ने 13 अप्रैल 2026 को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और गंज थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ऑनलाइन सट्टा ऐप ‘3 STUMPS’ से जुड़े गिरोह का खुलासा किया था। जांच में सामने आया कि गुलशन खेमानी अपने सहयोगियों की मदद से कॉल सेंटर, अलग-अलग मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का इस्तेमाल कर सट्टे का संचालन करता था।
पुलिस के मुताबिक, सट्टे से प्राप्त रकम पहले दूसरे लोगों के बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। इसके बाद इस रकम को अलग-अलग खातों के माध्यम से आगे ट्रांसफर किया जाता था। लेन-देन में सहयोग करने वाले लोगों को कमीशन दिए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। मामले में गंज थाने में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
महादेव ऐप की तर्ज पर बनाए थे कई ऑनलाइन पैनल
जांच के अनुसार, खेमानी कथित तौर पर महादेव ऐप की तर्ज पर ‘3 STUMPS’ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से आईपीएल मैचों पर सट्टा संचालित कर रहा था। इसके अलावा पिछले ढाई वर्षों से रेड्डी ग्रुप, बजरंग ग्रुप, मेट्रो 65 और डायमंड मास्टर जैसे ऑनलाइन पैनलों के संचालन से भी उसका नाम जुड़ा बताया गया है।
पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क अलग-अलग शहरों में बैठे ऑपरेटरों के माध्यम से काम करता था। ये ऑपरेटर यूजर्स को जोड़ने, दांव लगवाने और पैसों के लेन-देन का प्रबंधन करते थे। वित्तीय लेन-देन के लिए कथित तौर पर म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे रकम के वास्तविक स्रोत और उसके अंतिम लाभार्थियों का पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो जाता था।
संपत्ति के हस्तांतरण और बैंक से निकासी पर रोक की प्रक्रिया
न्यायालय के आदेश के पालन में रायपुर पुलिस ने संबंधित राजस्व अधिकारियों, पंजीयन कार्यालयों और बैंक प्रबंधन को पत्र भेजे हैं। संपत्तियों के हस्तांतरण और बैंक खातों में जमा रकम की निकासी पर रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। संबंधित जिलों के कलेक्टरों को भी आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए पत्र भेजे गए हैं।
पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध के मामलों में केवल आरोपियों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अपराध से अर्जित संपत्तियों और आर्थिक नेटवर्क की जांच भी की जा रही है। इसका उद्देश्य अवैध कमाई पर कानूनी कार्रवाई कर ऐसे गिरोहों के वित्तीय आधार को कमजोर करना है।
अप्रैल में मुंबई से गिरफ्तार हुआ था खेमानी
बाबू खेमानी को 16 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से वह जेल में है। पुलिस इससे पहले भी उसके खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। करीब तीन साल पहले प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई किए जाने और जुर्माना लगाए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
अब करीब 1.42 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने के आदेश के बाद पुलिस की कार्रवाई का दायरा आरोपियों की कथित अवैध कमाई और उससे अर्जित संपत्तियों तक पहुंच गया है। मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालय के आदेश और संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं के तहत की जाएगी।


