वीनू मांकड़ ट्रॉफी में दिल्ली अंडर-19 के कप्तान की शानदार बल्लेबाजी, 143 गेंदों में बनाए 173 रन; चंडीगढ़ ने 5 विकेट से जीता मुकाबला
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान आकर्षित किया है। 18 वर्षीय आर्यवीर ने वीनू मांकड़ ट्रॉफी में दिल्ली अंडर-19 टीम की ओर से खेलते हुए 173 रनों की बेहतरीन पारी खेली। दिल्ली टीम की कप्तानी कर रहे आर्यवीर ने अपनी पारी में 19 चौके और 8 छक्के लगाए।
आंध्र प्रदेश के विजयनगरम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में दिल्ली अंडर-19 और चंडीगढ़ अंडर-19 के बीच खेले गए मुकाबले में आर्यवीर ने 143 गेंदों का सामना करते हुए 173 रन बनाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत दिल्ली की टीम ने निर्धारित 50 ओवर में 289 रन का स्कोर खड़ा किया।
हालांकि, आर्यवीर की शानदार पारी के बावजूद दिल्ली की टीम जीत हासिल नहीं कर सकी। चंडीगढ़ अंडर-19 ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 41.3 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 290 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
भारतीय अंडर-19 टीम के लिए भी कर चुके हैं पदार्पण
आर्यवीर सहवाग ने पिछले महीने भारतीय अंडर-19 टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय युवा क्रिकेट में पदार्पण किया था। ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ सीरीज की तीन पारियों में उन्होंने कुल 109 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट लगभग 104 रहा, जबकि उनका सर्वोच्च स्कोर 47 रन था।
इसके अलावा आर्यवीर राजकोट में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ सीरीज की तैयारियों के लिए आयोजित भारत ए के शिविर का भी हिस्सा रह चुके हैं। लगातार अच्छे प्रदर्शन के जरिए वह भारतीय क्रिकेट में अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
कूच बिहार ट्रॉफी में खेली थी 297 रन की पारी
आर्यवीर इससे पहले भी अपनी बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोर चुके हैं। वर्ष 2024 में कूच बिहार ट्रॉफी के दौरान मेघालय के खिलाफ उन्होंने 297 रन की शानदार पारी खेली थी। इस प्रदर्शन ने युवा क्रिकेट में उनकी प्रतिभा को चर्चा में ला दिया था।
वहीं, वर्ष 2026 के दिल्ली प्रीमियर लीग में उन्होंने वेस्ट दिल्ली लायंस की ओर से हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता में उन्होंने दो मैचों में 24 रन बनाए थे।
वीनू मांकड़ ट्रॉफी से उभरती हैं युवा क्रिकेट प्रतिभाएं
वीनू मांकड़ ट्रॉफी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ओर से आयोजित अंडर-19 एकदिवसीय क्रिकेट प्रतियोगिता है। इसमें देश के विभिन्न राज्यों और क्रिकेट संघों की युवा टीमें हिस्सा लेती हैं। इस टूर्नामेंट का उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक क्रिकेट का अनुभव देना और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है।
इस प्रतियोगिता का नाम भारत के पूर्व क्रिकेटर वीनू मांकड़ के नाम पर रखा गया है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट में बल्लेबाज और गेंदबाज के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। वीनू मांकड़ ने भारत के लिए 44 टेस्ट मैच खेले, जिनमें 2109 रन बनाने के साथ 162 विकेट भी हासिल किए।
राहुल द्रविड़ के बेटे भी युवा क्रिकेट में सक्रिय
पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ के दोनों बेटे समित और अन्वय भी क्रिकेट में अपना करियर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। दोनों कर्नाटक की विभिन्न आयु वर्ग की टीमों में खेल चुके हैं।
समित द्रविड़ मध्यक्रम के बल्लेबाज और मध्यम गति के गेंदबाज हैं। उन्होंने 2023-24 के कूच बिहार ट्रॉफी सत्र में आठ मैचों में 362 रन बनाने के साथ 16 विकेट भी हासिल किए थे। सितंबर 2024 में उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय अंडर-19 टीम में चुना गया था, लेकिन घुटने की चोट के कारण वह खेल नहीं सके।
वहीं, अन्वय द्रविड़ विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं और कर्नाटक की अंडर-19 टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं। वीनू मांकड़ ट्रॉफी में उन्होंने छह मैचों में 220 रन बनाए थे। जून 2026 में उन्हें श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय अंडर-19 एकदिवसीय टीम में पहली बार चुना गया। इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ दूसरे युवा एकदिवसीय मुकाबले में उन्होंने 67 गेंदों पर 87 रन की शानदार पारी खेली।
युवा क्रिकेटरों के बीच आर्यवीर सहवाग की 173 रनों की पारी ने एक बार फिर यह दिखाया है कि भारतीय क्रिकेट में नई प्रतिभाएं लगातार उभर रही हैं। अब सभी की नजरें उनके आगामी प्रदर्शन पर रहेंगी।


