
तीन महीने में मिलीं 2.31 लाख शिकायतें, करीब 2 लाख का निराकरण; राशन दुकान में चीनी के ज्यादा पैसे लेने पर ग्रामीणों को राशि लौटाने के निर्देश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आम लोगों की समस्याओं के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन 1076 के कामकाज की समीक्षा के दौरान कबीरधाम जिले के पिपरिया तहसीलदार प्रमोद कुमार चंद्रवंशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की कार्रवाई की। इसके साथ ही सीमांकन में देरी, राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं करने और राशन दुकानों में निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने के मामलों में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को नवा रायपुर स्थित सीबीडी बिल्डिंग में सीएम हेल्पलाइन 1076 के कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने हेल्पलाइन के कामकाज की समीक्षा की और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टरों से जुड़कर विभिन्न विभागों में प्राप्त शिकायतों की प्रकरणवार जानकारी ली।
तीन महीने में 2.31 लाख शिकायतें, करीब दो लाख का निराकरण
सीएम हेल्पलाइन में पिछले करीब तीन महीनों के दौरान अलग-अलग विभागों से संबंधित 2 लाख 31 हजार शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से लगभग 2 लाख शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल शिकायतों को बंद कर देना ही निराकरण नहीं माना जाएगा, बल्कि यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित व्यक्ति की समस्या का वास्तव में समाधान हुआ है या नहीं।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि बिना वास्तविक समाधान के शिकायतों को निराकृत बताने पर संबंधित अधिकारी के साथ पूरी व्यवस्था की जवाबदेही तय की जाएगी।
डेढ़ साल से सीमांकन लंबित, तहसीलदार पर कार्रवाई
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कबीरधाम जिले की पिपरिया तहसील के छबील पाली गांव के एक ग्रामीण से फोन पर बात की। ग्रामीण ने बताया कि उसने अप्रैल 2025 में जमीन के सीमांकन के लिए आवेदन दिया था, लेकिन करीब डेढ़ साल बीतने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। पिपरिया तहसीलदार प्रमोद कुमार चंद्रवंशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कबीरधाम जिला निर्धारित किया गया है।
इसी तरह बिलासपुर जिले की पचपेड़ी तहसील के कुकुलकाल गांव के व्यास नामक ग्रामीण ने बताया कि वर्ष 2023 में बंटवारे का आदेश पारित होने के बावजूद राजस्व रिकॉर्ड में सुधार नहीं किया गया। आठ खसरों में से एक में तकनीकी त्रुटि के कारण रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं हो पाया। मुख्यमंत्री ने इस मामले में संबंधित तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
राशन दुकान में चीनी के ज्यादा पैसे वसूले, राशि लौटाने के निर्देश
सक्ती जिले की एक राशन दुकान में निर्धारित मूल्य से अधिक राशि लेकर चीनी वितरित किए जाने की शिकायत भी समीक्षा के दौरान सामने आई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन ग्रामीणों से अतिरिक्त राशि वसूली गई है, उन्हें उनकी रकम वापस दिलाई जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से राशन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के साथ किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित दर से अधिक वसूली के मामलों में जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।
गरियाबंद में ट्रांसफॉर्मर बदला, 80 से 85 परिवारों को मिली बिजली
समीक्षा के दौरान हेल्पलाइन के माध्यम से समस्याओं के समाधान के सकारात्मक उदाहरण भी सामने आए। गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र के दमन साहू ने बताया कि उनके गांव का ट्रांसफॉर्मर खराब होने से लगभग 80 से 85 परिवारों की बिजली आपूर्ति बाधित थी। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने के करीब एक सप्ताह के भीतर नया ट्रांसफॉर्मर लगा दिया गया, जिससे गांव में बिजली आपूर्ति बहाल हो गई।
प्रधानमंत्री आवास की दूसरी किस्त मिलने से निर्माण को गति
जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के वीरेंद्र यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरी किस्त नहीं मिलने के कारण उनके मकान का निर्माण प्रभावित हो रहा था। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। इसके करीब 10 दिन के भीतर उनके बैंक खाते में 55 हजार रुपये की किस्त जमा हो गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हेल्पलाइन का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। अधिकारियों को शिकायतों पर संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।
शिकायतों की होगी औचक जांच, हर महीने होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन में निराकृत बताई गई शिकायतों की औचक जांच कराई जाए। विशेष रूप से ‘स्पेशल क्लोज्ड’ श्रेणी में बंद किए गए प्रकरणों की भी जांच होगी। इसके तहत शिकायतकर्ताओं को अचानक फोन कर उनसे पूछा जाएगा कि उनकी समस्या का समाधान हुआ है या नहीं।
यदि जांच में शिकायत का वास्तविक निराकरण किए बिना उसे बंद करने की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा प्रत्येक महीने की जाएगी। लंबित शिकायतों, निराकरण में अधिक समय लेने वाले मामलों, विशेष श्रेणी में बंद शिकायतों और शिकायतकर्ताओं से मिलने वाले फीडबैक पर लगातार नजर रखी जाएगी। बैठक में बस्तर संभाग के जिलों में प्राप्त शिकायतों की प्रकृति की भी जानकारी ली गई।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, विशेष सचिव रजत बंसल सहित विभिन्न विभागों के सचिव और सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

