बिलासपुर में खपरगंज हिंसा पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 5 और आरोपी गिरफ्तार; अब तक 29 की गिरफ्तारी

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मुख्य आरोपी ठाकुर रामसिंह की तलाश जारी, संभावित ठिकानों पर पुलिस की दबिश; सोशल मीडिया के दर्जनभर से अधिक पेज और ग्रुप ब्लॉक

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के खपरगंज इलाके में पुरानी रंजिश को लेकर हुए हिंसक विवाद के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। सोमवार को पुलिस ने एक पक्ष से जुड़े पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों का जुलूस भी निकाला। इस कार्रवाई के साथ ही मामले में दोनों पक्षों के कुल 29 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सन्नी ध्रुव (18), दुर्गेश पुरी गोस्वामी उर्फ गोगा (19), अभिजित नेताम उर्फ निखिल नेताम (19), करण कश्यप उर्फ बडू (23) और कन्हैया मरावी उर्फ मोटू (19) के रूप में हुई है। सभी आरोपी तिफरा क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।

मुख्य आरोपी की तलाश में कई जगह दबिश

हिंसा के मामले में दूसरे पक्ष के मुख्य आरोपी ठाकुर रामसिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस उसके घर के अलावा रिश्तेदारों और करीबी लोगों के यहां भी पहुंचकर जानकारी जुटा रही है। हालांकि, अभी तक मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है।

अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है।

सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर

हिंसक घटना के बाद इलाके में अफवाह फैलाने और लोगों को उकसाने वाली गतिविधियों पर पुलिस विशेष नजर रख रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट, पेज, ग्रुप और विभिन्न आईडी की निगरानी की जा रही है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि विवाद से संबंधित कोई भड़काऊ सामग्री प्रसारित कर माहौल खराब करने या लोगों को उकसाने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा। पुलिस के अनुसार ऐसे दर्जनभर से अधिक सोशल मीडिया पेज, ग्रुप और आईडी को ब्लॉक कराया गया है, जिनसे विवादित या माहौल बिगाड़ने वाली सामग्री के वायरल होने की आशंका थी।

सोशल मीडिया टिप्पणी के बाद बढ़ा था विवाद

दरअसल, खपरगंज इलाके में युवकों के दो गुटों के बीच विवाद हुआ था। बताया गया कि सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी और पुरानी रंजिश को लेकर विवाद की शुरुआत हुई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट और पथराव शुरू हो गया।

स्थिति बिगड़ने पर दोनों गुट आमने-सामने आ गए और इलाके में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने और लाठीचार्ज करना पड़ा। इसी दौरान भीड़ की ओर से पुलिस पर भी पथराव किया गया।

पथराव में तारबाहर थाना प्रभारी रवि तिवारी समेत नौ पुलिसकर्मी घायल हुए थे। घटना के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। अब पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ सोशल मीडिया गतिविधियों की भी लगातार निगरानी कर रही है।

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