सीडीआर और गवाहों के बयान से सामने आई युवक की भूमिका, स्कूल आते-जाते पीछा करने और धमकाने का आरोप
बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र में करीब तीन महीने पहले नाबालिग स्कूली छात्रा की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर ली है। जांच के बाद पुलिस ने एक युवक के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने और पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, मर्ग जांच, गवाहों के बयान और मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच में युवक की भूमिका सामने आई।
घटना 20 जून की है। कक्षा 11वीं में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान संदेही पीनू उर्फ वरुण गंधर्व की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
पुलिस ने युवक के मोबाइल की कॉल डिटेल और अन्य जानकारी की जांच की। इसमें मृतका और आरोपी के बीच बातचीत होने के प्रमाण मिले। इसके अलावा परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए गए।
जांच में आरोप सामने आया कि युवक छात्रा से जबरन संपर्क करता था और स्कूल आते-जाते उसका पीछा कर छेड़छाड़ एवं गलत व्यवहार करता था। यह भी आरोप है कि परिजनों की गैरमौजूदगी में युवक जबरन घर में घुसकर छात्रा को डराता-धमकाता था।
पुलिस जांच के मुताबिक लगातार प्रताड़ना और बदनामी के डर से छात्रा मानसिक रूप से परेशान थी। इसी वजह से उसने आत्मघाती कदम उठाया। जांच में युवक की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ दुष्प्रेरण और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

