आपराधिक इतिहास नहीं, लंबी न्यायिक हिरासत को आधार बनाकर हाईकोर्ट ने चोरी के आरोपी को दी जमानत
बिलासपुर | 28 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने चोरी और घर में घुसकर वारदात करने के एक मामले में आरोपी युवक को नियमित जमानत प्रदान की है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की एकलपीठ ने माना कि आरोपी का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उसके कब्जे से चोरी का सामान बरामद नहीं हुआ है तथा वह फरवरी 2026 से न्यायिक हिरासत में है। साथ ही, मुकदमे के शीघ्र समाप्त होने की संभावना नहीं होने के कारण न्यायालय ने जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
मामला क्या है?
मामला रायपुर के डीडी नगर थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 591/2025 से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने घर में अज्ञात लोगों द्वारा घुसकर सोने-चांदी के आभूषण चोरी किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच के दौरान रायपुर निवासी सागर श्रीवास को गिरफ्तार किया गया और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी 16 फरवरी 2026 से न्यायिक हिरासत में था।
बचाव पक्ष की दलील
आरोपी की ओर से अधिवक्ता सी.आर. साहू ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल को झूठा फंसाया गया है। उनके पास से कोई चोरी का सामान बरामद नहीं हुआ है और गिरफ्तारी केवल सह-आरोपियों के कथित बयानों के आधार पर की गई। साथ ही, आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और लंबे समय से जेल में होने के कारण उसे जमानत मिलनी चाहिए।
राज्य सरकार का पक्ष
राज्य की ओर से पैनल अधिवक्ता पलक द्विवेदी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी अन्य सह-आरोपियों के साथ चोरी की घटना में सक्रिय रूप से शामिल था, इसलिए उसे राहत नहीं दी जानी चाहिए।
हाईकोर्ट की टिप्पणी
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद कहा कि आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, वह लंबे समय से जेल में है और ट्रायल पूरा होने में समय लग सकता है। ऐसे में मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना जमानत देना उचित होगा।
जमानत की शर्तें
उच्च न्यायालय ने आरोपी को व्यक्तिगत मुचलका और समान राशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने पर रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही निम्नलिखित शर्तें लगाई गईं—
- गवाहों की उपस्थिति वाले दिन अनावश्यक स्थगन की मांग नहीं करेगा।
- प्रत्येक सुनवाई पर स्वयं या अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में उपस्थित रहेगा।
- जमानत का दुरुपयोग करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- आरोप तय होने और महत्वपूर्ण सुनवाई की तिथियों पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य रहेगा।
केस विवरण
- मामला: सागर श्रीवास बनाम छत्तीसगढ़ राज्य
- केस नंबर: एमसीआरसी क्रमांक 5831/2026
- पीठ: मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा
- आदेश की तिथि: 23 जुलाई 2026
निष्कर्ष:
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जमानत पर विचार करते समय आरोपी का आपराधिक इतिहास, बरामदगी की स्थिति, न्यायिक हिरासत की अवधि और मुकदमे में संभावित विलंब जैसे पहलुओं का संतुलित मूल्यांकन आवश्यक है। इन्हीं आधारों पर अदालत ने आरोपी को नियमित जमानत प्रदान की।*


