नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर बाउंड ओवर की कार्रवाई, 18 अगस्त को SDM कोर्ट में पेशी…50-50 हजार के बंधपत्र पर मांगा जवाब

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दुर्ग। शिक्षक भर्ती में विभिन्न विषयों के पद शामिल करने और CTET अभ्यर्थियों को आगामी भर्ती में अवसर देने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ अब प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दुर्ग में 13 अगस्त को हिंदी भवन के सामने प्रदर्शन करने वाले करीब पांच छात्रों को SDM कोर्ट की ओर से नोटिस जारी किया गया है। छात्रों से छह महीने तक शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 50-50 हजार रुपए की प्रतिभूति वाले बंधपत्र के संबंध में जवाब मांगा गया है।

13 अगस्त को किया था प्रदर्शन

शिक्षक भर्ती और CTET से जुड़ी मांगों को लेकर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र 13 अगस्त को दुर्ग पहुंचे थे। हिंदी भवन के सामने मेन रोड पर छात्रों ने धरना-प्रदर्शन किया। पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी और इससे सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ।

इसके बाद पुलिस ने BNSS की धारा 126 से 135(3) के तहत प्रकरण SDM कोर्ट भेजा। 14 अगस्त को SDM की ओर से BNSS की धारा 130 के तहत प्रारंभिक आदेश जारी किया गया।

18 अगस्त को SDM के सामने पेश होंगे छात्र

प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले करीब पांच छात्रों को 18 अगस्त को SDM के सामने उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। नोटिस में छह महीने तक शांति बनाए रखने के लिए 50 हजार रुपए की प्रतिभूति वाले बंधपत्र को लेकर जवाब मांगा गया है।

छात्रों का कहना है कि वे रोजगार और शिक्षक भर्ती में अवसर की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने सड़क पर उतरे थे। उनका आरोप है कि मांगों पर बातचीत करने के बजाय उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा रही है।

भर्ती में इन विषयों के पद शामिल करने की मांग

प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांग आगामी शिक्षक भर्ती में विज्ञान शिक्षक, जीव विज्ञान व्याख्याता, रसायन व्याख्याता और गणित व्याख्याता के पद शामिल करने की है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने इन्हीं विषयों में पढ़ाई की है और लंबे समय से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हैं।

छात्रों के मुताबिक यदि इन विषयों के पद भर्ती में शामिल नहीं किए गए तो संबंधित अभ्यर्थियों को अपनी योग्यता के आधार पर आवेदन करने का अवसर नहीं मिलेगा।

CTET अभ्यर्थियों को भी भर्ती में मौका देने की मांग

छात्रों ने 6 सितंबर 2026 को प्रस्तावित CTET परीक्षा को लेकर भी सरकार के सामने मांग रखी है। उनका कहना है कि परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को आगामी शिक्षक भर्ती में आवेदन का अवसर दिया जाना चाहिए।

इसके अलावा स्नातक में 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता में सभी वर्गों को 5 प्रतिशत की छूट देने तथा स्वामी आत्मानंद स्कूलों की भर्ती में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के योग्य अभ्यर्थियों को अवसर देने की मांग भी छात्रों ने उठाई है।

छात्रों ने कहा- रोजगार मांगना हमारा अधिकार

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे पहले से बेरोजगारी और सीमित भर्ती अवसरों को लेकर परेशान हैं। ऐसे में अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने के बाद बाउंड ओवर की कार्रवाई शुरू होने से उनमें नाराजगी है।

छात्रों का आरोप है कि रोजगार की मांग करने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं पर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका प्रदर्शन अपने भविष्य और रोजगार के अवसर को लेकर था।

क्या है बाउंड ओवर की कार्रवाई?

बाउंड ओवर शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की जाने वाली प्रतिबंधात्मक कार्रवाई है। जब पुलिस को किसी व्यक्ति से शांति भंग होने या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका होती है, तो मामला SDM कोर्ट भेजा जा सकता है।

SDM BNSS की धारा 130 के तहत प्रारंभिक आदेश जारी कर संबंधित व्यक्ति से जवाब मांग सकते हैं। सुनवाई के बाद बंधपत्र की शर्तें तय की जा सकती हैं। यह अपने आप में FIR या सजा नहीं होती। बंधपत्र की राशि भी सीधे जुर्माने के रूप में नहीं ली जाती, बल्कि निर्धारित अवधि तक शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी से जुड़ी होती है।

दुर्ग मामले में छात्रों से छह महीने की अवधि के लिए 50 हजार रुपए की प्रतिभूति वाले बंधपत्र को लेकर जवाब मांगा गया है। अब छात्रों को 18 अगस्त को SDM कोर्ट में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा।

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