
चरखे की कार्यप्रणाली, सूत कताई एवं खादी वस्त्र निर्माण की प्रक्रिया से हुए रूबरू
डोंगरगढ़। शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोंगरगढ़ के गृह विज्ञान विभाग द्वारा बी.ए. प्रथम सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं को 31 अक्टूबर को ‘वस्त्रों का परिचय’ विषय के अंतर्गत चंद्रगिरि चरखा केंद्र का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।
इस शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को वस्त्र निर्माण की पारंपरिक प्रक्रिया, चरखे की कार्यप्रणाली, सूत कातने की विधि तथा खादी एवं हस्तनिर्मित वस्त्रों के महत्व से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना था।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने चरखे के संचालन, विभिन्न प्रकार के रेशों से सूत निर्माण तथा पारंपरिक कताई प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। साथ ही खादी एवं स्वदेशी वस्त्रों के उत्पादन में पारंपरिक तकनीकों की भूमिका को भी समझा। इस अवसर पर विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान को प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से समझने का अवसर मिला।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रदीप कुमार जम्बूलकर के मार्गदर्शन एवं गृह विज्ञान विभागाध्यक्ष के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों में पारंपरिक वस्त्र उद्योग, स्वदेशी उत्पादों एवं हस्तकला के प्रति जागरूकता और रुचि विकसित हुई। उक्त शैक्षणिक भ्रमण में योग विभाग की सुश्री मंजू धनकर ने सहयोग प्रदान किया। भ्रमण में लगभग 40 से 45 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता कर लाभ प्राप्त किया। उक्त शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के साथ-साथ उन्हें व्यावहारिक एवं रोजगारोन्मुखी जानकारी प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

