लोकतंत्र में युवाओं की भूमिका पर शासकीय नेहरू महाविद्यालय में हुआ युवा संवाद कार्यक्रम

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महापौर मधुसूदन यादव ने युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों, नागरिक कर्तव्यों एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का किया आव्हान

डोंगरगढ़। शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय डोंगरगढ़ में छत्तीसगढ़ शासन, उच्च शिक्षा विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर के निर्देशानुसार लोकतंत्र के लिए युवा विषय पर एक दिवसीय ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन 03 नवंबर 2026, मंगलवार को दोपहर 12 बजे महाविद्यालय के नवीन भवन में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था, संवैधानिक मूल्यों, नागरिक कर्तव्यों, सामाजिक सहभागिता तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूक करना था।

      कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजनांदगांव नगर निगम के महापौर एवं पूर्व सांसद मधुसूदन यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डोंगरगढ़ के पूर्व विधायक विनोद खांडेकर ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष सुनील जैन, नगर पालिका अध्यक्ष रमन डोंगरे उपस्थित थे। साथ ही पूर्व शहर अध्यक्ष भाजपा,अमित जैन, जिला महामंत्री भाजपा ग्रामीण जैन कुमार मेश्राम, मंडल अध्यक्ष शहर भाजपा सौमित्र सोनी, वरिष्ठ भाजपा नेता कुलवंत कक्कड़, नेता प्रतिपक्ष नपा अमित छाबड़ा, सातन वर्मा,   आकाश राजपूत, उपकार साहू, जयंत साहू, सुमित ताम्रकार, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष अनिल सिन्हा, दुर्गेश साहू, श्रीमती अलका सहारे, जयेश सहारे,  अलंकृत शर्मा एवं रवि यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
         कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात छत्तीसगढ़ राज्य के राज्यगीत ‘अरपा पैरी के धार’ का सामूहिक गायन किया गया। महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. प्रदीप कुमार जाम्बुलकर एवं प्राध्यापकों द्वारा मुख्य अतिथि महापौर मधुसूदन यादव, कार्यक्रम अध्यक्ष विनोद खांडेकर तथा समस्त अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंटकर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
     कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. प्रदीप कुमार जाम्बुलकर ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए युवा संवाद कार्यक्रम की प्रासंगिकता एवं उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती केवल शासन एवं प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
        कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व विधायक विनोद खांडेकर ने अपने राजनीतिक एवं सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए लोकतंत्र की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र जनता की सहभागिता और जागरूकता पर आधारित व्यवस्था है। प्रत्येक नागरिक को अपने मताधिकार एवं लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए एस.आई.आर. अभियान के संबंध में भी विस्तारपूर्वक बताया। श्री खाण्डेकर ने छात्र-छात्राओं को बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों, नागरिक कर्तव्यों, सामाजिक सहभागिता एवं राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना तथा लोकतंत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर स्वतंत्र रूप से अपने विचार व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने, जागरूक नागरिक बनने तथा देश के विकास में सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।
       कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महापौर एवं पूर्व सांसद मधुसूदन यादव ने अपने उद्बोधन में युवा संवाद कार्यक्रम को युवाओं के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने लोकतंत्र में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि देश का भविष्य युवाओं की जागरूकता, विचारशीलता और सक्रिय सहभागिता पर निर्भर करता है। युवाओं को केवल अपने अधिकारों के प्रति ही नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों एवं सामाजिक दायित्वों के प्रति भी सजग रहना चाहिए।
       उन्होंने अपने संबोधन में एस.आई.आर. (विशेष गहन पुनरीक्षण) की आवश्यकता एवं इसके महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत में मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी एवं अद्यतन बनाए रखने के लिए इस प्रकार की प्रक्रिया क्यों आवश्यक है तथा इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था को किस प्रकार मजबूती मिलती है। उन्होंने एस.आई.आर. की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, इसके विभिन्न चरणों एवं पूर्व में अलग-अलग प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में भी जानकारी साझा की। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मंशा एवं इस अभियान को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने ‘वोट चोरी’ से संबंधित आरोपों को मिथक बताते हुए विद्यार्थियों के समक्ष अपना विचार प्रस्तुत किया। श्री यादव ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा सरकार पर लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि इस प्रकार के आरोप लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न करते हैं। उन्होंने एस.आई.आर. की आवश्यकता एवं इसके महत्व को स्पष्ट करते हुए कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण और पारदर्शिता लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक है।
    श्री यादव ने युवाओं से अपील की कि वे लोकतंत्र की प्रक्रियाओं को समझें, मतदान के महत्व को पहचानें, मतदाता सूची में अपना नाम सुनिश्चित करें तथा समाज में लोकतांत्रिक जागरूकता फैलाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि जागरूक, जिम्मेदार एवं सक्रिय युवा ही सशक्त लोकतंत्र और विकसित राष्ट्र की आधारशिला हैं।
     कार्यक्रम के दौरान अतिथियों के विचारों एवं अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को लोकतंत्र, मताधिकार, नागरिक जिम्मेदारियों और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को समझने का अवसर मिला। युवा संवाद ने छात्र-छात्राओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति अपनी समझ विकसित करने तथा सामाजिक एवं राष्ट्रीय मुद्दों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।
      कार्यक्रम के समापन अवसर पर महाविद्यालय परिवार की ओर से मुख्य अतिथि, कार्यक्रम अध्यक्ष एवं समस्त विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। अंत में सहायक प्राध्यापक जी.के. यादव ने आभार प्रदर्शन करते हुए कार्यक्रम में उपस्थित समस्त अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।   महाविद्यालय में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम लोकतांत्रिक चेतना, नागरिक जागरूकता एवं युवाओं की राष्ट्र निर्माण में सहभागिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ।

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