
बिलासपुर में न्यायिक अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज होने का मामला गरमाया, SSP ने जारी किया आदेश; पुलिस विभाग में घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में महासमुंद फैमिली कोर्ट के न्यायिक अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का मामला अब नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। इस घटनाक्रम के बीच सरकंडा थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप आर्य को लाइन अटैच कर दिया गया है। वहीं, निरीक्षक नरेश चौहान को सरकंडा थाने की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने आदेश जारी किया है।
हालांकि, पुलिस विभाग के आधिकारिक आदेश में प्रदीप आर्य को लाइन अटैच करने की वजह प्रशासनिक बताई गई है। एफआईआर विवाद के चलते यह कार्रवाई किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद दोनों घटनाक्रमों के एक साथ सामने आने से पुलिस महकमे में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
प्रॉपर्टी डीलर की जन्मदिन पार्टी से शुरू हुआ था विवाद
पूरा मामला एक प्रॉपर्टी डीलर की जन्मदिन पार्टी में हुए कथित मारपीट के घटनाक्रम से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, पार्टी के दौरान महासमुंद फैमिली कोर्ट के न्यायिक अधिकारी प्रफुल्ल कुमार सोनवानी की पत्नी और परिवार के सदस्यों के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी।
घटना के बाद न्यायिक अधिकारी की ओर से प्रॉपर्टी डीलर अभय बरुआ और उसके साथियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। वहीं, दूसरे पक्ष ने भी अपनी शिकायत पुलिस को सौंपी थी।
दोनों पक्षों की शिकायत पर दर्ज हुई FIR, बढ़ा विवाद
पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की। इसी प्रक्रिया के दौरान न्यायिक अधिकारी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर ली गई। इसके बाद न्यायिक अधिकारी के विरुद्ध मामला दर्ज करने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे। धीरे-धीरे यह मामला तूल पकड़ने लगा और इसकी चर्चा पुलिस मुख्यालय तक पहुंचने की बात सामने आई।
SSP के लौटने के बाद थाना प्रभारी पर कार्रवाई
बताया जा रहा है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के छुट्टी से वापस लौटने के बाद पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली गई। संबंधित अधिकारियों से भी जवाब मांगा गया। इसके बाद सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य को लाइन अटैच करने का आदेश जारी किया गया। वहीं, निरीक्षक नरेश चौहान को सरकंडा थाने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
प्रशासनिक कार्रवाई या FIR विवाद से जुड़ा मामला?
न्यायिक अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने और उसके बाद थाना प्रभारी को लाइन अटैच किए जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, पुलिस विभाग ने इस कार्रवाई को प्रशासनिक बताया है और एफआईआर विवाद से इसका सीधा संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
फिलहाल सरकंडा थाने की कमान नए निरीक्षक को सौंप दी गई है। अब पूरे मामले में पुलिस की आगामी कार्रवाई और जांच के नतीजों पर नजर बनी हुई है।
