नीट री-टेस्ट से पहले टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध, पेपर सुरक्षा के लिए सरकार के कड़े कदम

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नई दिल्ली, 17 जून 2026। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG 2026) के री-टेस्ट से पहले केंद्र सरकार ने परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए बड़ा फैसला लिया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने देशभर में टेलीग्राम ऐप पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही टेलीग्राम का मैसेज-एडिटिंग फीचर 30 जून तक बंद कर दिया गया है। सरकार के निर्देश पर गूगल और एप्पल ने भी अपने प्ले स्टोर से टेलीग्राम ऐप को हटा दिया है।

पेपर लीक और फर्जी दावों पर रोक लगाने की कवायद

एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह के अनुसार, हाल के वर्षों में टेलीग्राम का इस्तेमाल फर्जी प्रश्नपत्र बेचने, पेपर लीक की अफवाह फैलाने और छात्रों को गुमराह करने के लिए बड़े पैमाने पर किया जा रहा था। ऐसे में परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना आवश्यक हो गया था।

क्यों बंद किया गया मैसेज-एडिटिंग फीचर?

जांच में सामने आया कि कुछ चैनल संचालक परीक्षा समाप्त होने के बाद पुराने संदेशों को एडिट कर उनमें असली प्रश्नपत्र अपलोड कर देते थे। इसके बाद स्क्रीनशॉट दिखाकर दावा किया जाता था कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक हुआ था। इस तरह की भ्रामक गतिविधियों को रोकने के लिए मैसेज-एडिटिंग फीचर पर अस्थायी रोक लगाई गई है।

टेलीग्राम पर प्रतिबंध क्यों?

विशेषज्ञों के अनुसार टेलीग्राम पर कोई भी व्यक्ति अपनी पहचान छिपाकर बड़े चैनल बना सकता है, जिनमें असीमित सदस्य जुड़ सकते हैं। “पेपर लीक्ड नीट” जैसे कई चैनलों में लाखों सदस्य मौजूद थे, जिससे उनकी निगरानी और ट्रैकिंग मुश्किल हो रही थी। इसके अलावा टेलीग्राम पर 2 जीबी तक की बड़ी फाइलें आसानी से साझा की जा सकती हैं, जिसका दुरुपयोग प्रश्नपत्र और अन्य गोपनीय दस्तावेजों के प्रसार में किया जा रहा था।

टेलीग्राम की कार्रवाई भी रही नाकाफी

टेलीग्राम ने दावा किया है कि उसने 2025 में 4.35 करोड़ से अधिक चैनल ब्लॉक किए थे तथा 2026 में प्रतिदिन हटाए जाने वाले चैनलों की संख्या बढ़ाकर 80 हजार से 1.40 लाख तक कर दी है। बावजूद इसके, परीक्षा से जुड़े अवैध नेटवर्क पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं हो पाया।

वॉट्सएप पर प्रतिबंध क्यों नहीं?

सरकारी सूत्रों के मुताबिक वॉट्सएप भारतीय नियमों के अनुरूप काम करता है और वहां मोबाइल नंबर आधारित पहचान अनिवार्य है। इसके विपरीत टेलीग्राम पर यूजरनेम के जरिए पहचान छिपाना आसान होता है। वॉट्सएप समूहों की सदस्य संख्या सीमित होती है, जबकि टेलीग्राम चैनलों में असीमित लोग जुड़ सकते हैं, जिससे किसी भी सामग्री का तेजी से प्रसार संभव हो जाता है।

नीट आरोपी को परीक्षा में बैठने की अनुमति

इस बीच दिल्ली की एक अदालत ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले के आरोपी यश यादव को हिरासत में रहते हुए 21 जून को आयोजित री-टेस्ट में शामिल होने की अनुमति दे दी है। अवकाश न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि गंभीर आरोपों के बावजूद किसी छात्र को परीक्षा देने के अवसर से वंचित नहीं किया जा सकता। यश यादव को जयपुर से गिरफ्तार किया गया था।

अभ्यर्थियों को राहत

री-टेस्ट में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए आंध्र प्रदेश और ओडिशा सरकारों ने बस किराया पूरी तरह माफ कर दिया है। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने अभ्यर्थियों के लिए बस किराए में 50 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की है।

वायुसेना की निगरानी में पहुंच रहे प्रश्नपत्र

पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए भारतीय वायुसेना भी विशेष अभियान चला रही है। पिछले चार दिनों में वायुसेना ने लगभग 200 उड़ानें भरकर देश के 20 से अधिक स्थानों तक प्रश्नपत्र पहुंचाए हैं। प्रश्नपत्रों को डिजिटल लॉक और रियल टाइम जीपीएस ट्रैकिंग वाले विशेष सुरक्षा बॉक्स में रखा गया है। किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ होने पर तत्काल दिल्ली स्थित नियंत्रण केंद्र को अलर्ट प्राप्त होगा। सुरक्षा व्यवस्था में सेना के जवान 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं।

आम यूजर्स को भी होगी परेशानी

टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध का असर केवल परीक्षा संबंधी गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा। पढ़ाई, व्यापार, कोचिंग, स्टार्टअप और विभिन्न समुदायों के लाखों यूजर्स, जो टेलीग्राम चैनलों और समूहों के माध्यम से संवाद करते हैं, उन्हें भी इस अवधि में असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि सरकार का कहना है कि यह कदम केवल परीक्षा सुरक्षा और छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर उठाया गया है।

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