
कबीरधाम से लाए गए बच्चे सुबह से थे भूखे-प्यासे, बस स्टैंड पर लेने पहुंचे व्यक्ति से पुलिस पूछताछ में जुटी; नाबालिगों को आश्रय गृह भेजा गया
दुर्ग। दुर्ग जिले में बाल श्रम और संभावित मानव तस्करी से जुड़े मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। राज्य बाल आयोग से मिली सूचना के बाद चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट (SJPU) और पद्मनाभपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने दुर्ग बस स्टैंड पर एक यात्री बस से बच्चों को अपने संरक्षण में लिया। प्रारंभिक जांच में 16 में से 7 बच्चे नाबालिग पाए गए हैं, जबकि सभी बच्चे कबीरधाम (कवर्धा) जिले के विभिन्न गांवों के निवासी बताए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार सूचना मिली थी कि रायपुर की ओर से आ रही एक बस में बच्चों को काम दिलाने के नाम पर ले जाया जा रहा है। इसके बाद संयुक्त टीम ने बस स्टैंड पर पहुंचकर बस की जांच की। रात करीब साढ़े आठ बजे बस के पहुंचने पर उसमें सवार 16 बच्चों को सुरक्षित उतारकर चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय ले जाया गया, जहां उनकी पहचान, दस्तावेजों की जांच और पूछताछ की गई।
पहले रायपुर, फिर दुर्ग भेजने की बात आई सामने
पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें पहले रायपुर में काम दिलाने की बात कहकर बुलाया गया था, लेकिन बाद में दुर्ग भेज दिया गया। कई बच्चों ने बताया कि उन्हें यह भी जानकारी नहीं थी कि दुर्ग में उन्हें कहां जाना है। कुछ बच्चों ने यह भी बताया कि उन्हें उत्तर प्रदेश में 15 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन पर नौकरी दिलाने का लालच दिया गया था।
सुबह से भूखे-प्यासे थे सभी बच्चे
रेस्क्यू के दौरान सामने आया कि सभी बच्चे सुबह से भूखे-प्यासे थे। प्रशासन ने सबसे पहले उन्हें भोजन उपलब्ध कराया। इसके बाद नाबालिग बच्चों को सुरक्षित आश्रय गृह भेज दिया गया, जबकि सभी बच्चों की अलग-अलग काउंसलिंग और विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
मशरूम फैक्ट्री में काम कराने की भी जानकारी
प्रारंभिक पूछताछ में कुछ बच्चों ने मशरूम फैक्ट्री में काम कराने की बात कही। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उन्हें दुर्ग में ही रोजगार दिलाया जाना था या किसी अन्य राज्य भेजने की तैयारी थी। इस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच जारी है।
बस स्टैंड पर लेने पहुंचे व्यक्ति को हिरासत में लिया गया
जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार बच्चों को लेने बस स्टैंड पहुंचे एक व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। आशंका जताई जा रही है कि वह ठेकेदार या नियोक्ता हो सकता है। पुलिस उसकी भूमिका और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
आज CWC के समक्ष पेश होंगे नाबालिग
सभी 7 नाबालिग बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। समिति के निर्देशों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बच्चों को किसने भेजा, उन्हें कहां ले जाया जा रहा था और इस मामले में कितने लोग शामिल हैं। यदि जांच में बाल श्रम या मानव तस्करी से जुड़े संगठित गिरोह के प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

